नई दिल्ली, 11 मई (ता)। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोगों से विदेशी मुद्रा बचाने की प्रधानमंत्री की अपील पर अमल का अनुरोध करते हुए आज कहा कि भारत पश्चिम एशिया संकट के बीच विजेता बनकर उभरेगा। वैष्णव ने यहां भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के वार्षिक व्यापार सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में कहा कि आज दो देशों के बीच युद्ध का असर पूरी दुनिया और भारत झेल रहा है जिसमें हमारी कोई गलती नहीं है। इसका कारण यह है कि हम ऊर्जा के अपने बड़े हिस्से के लिए आयात पर निर्भर हैं।
उन्होंने लोगों से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अपील पर अमल का अनुरोध करते हुए कहा कि पश्चिम एशिया में गत 28 फरवरी से जारी संकट के कारण कई देशों में ईंधनों की कीमत काफी बढ़ गयी है लेकिन भारत ने उसे अबतक नियंत्रित रखा है। उल्लेखनीय है कि मोदी ने रविवार को लोगों से अनावश्यक विदेश यात्रा से बचने, सोने की गैर-जरूरी खरीद न करने और ईंधन की बचत करने की अपील की थी।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एक नागरिक के तौर पर हम हर उस खपत में कटौती कर सकते हैं जिसके लिए देश की विदेशी मुद्रा खर्च करनी होती है। साथ ही हम विदेश मुद्रा की कमाई बढ़ाने पर फोकस कर सकते हैं।” वैष्णव ने कहा कि चुनौती कितनी भी बड़ी हो भारतीय अर्थव्यवस्था छह-आठ प्रतिशत की दर से बढ़ती रहेगी, मुद्रास्फीति नियंत्रण में रहेगी क्योंकि हमारा विकास लंबे समय तक कायम रहने वाला विकास है, हम इस संकट के बीच विजेता बनकर उभरेंगे। उन्होंने उद्योग जगत से सारी आशंकाओं को परे रखकर निवेश करने और भारत की विकास गाथा का हिस्सा बनने की अपील की।
Trending
- भारत में बदलेगी ‘रुपये’ की सूरत! कागज की जगह प्लास्टिक के होंगे नोट, जानें क्या है RBI का प्लान
- यूपी: पूरे प्रदेश में हुई बरसात से गिरा पारा, आज इन 58 जिलों में बारिश और आंधी का अलर्ट; जारी हुए पूर्वानुमान
- सौतेले भाई व मामा ने दुपट्टे से घोंटा गला, बाइक पर बीच में बैठाकर ले गए, बाग में छिपाया शव
- मासूम को आठ बार जमीन पर पटका, विचलित करने वाली सीसीटीवी फुटेज देख कांप गई रूह
- सतीश शर्मा के साथ ही रिश्वत देने की कोशिश करने वाले ठेकेदार की भी हो जांच, पूर्व में इसका क्या इतिहास रहा है
- हिन्दी पत्रकारिता दिवस : संगठन और संबंधों की शक्ति को पहचान सम्मान और गौरव बनाए, मीडिया की संख्या और ताकत बढ़ रही है, कमजोर क्यों हो रहे हैं हम
- अब किसी ग्रिप टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करना होगा : साई सुदर्शन
- 200 साल में रुप बदलती पत्रकारिता और चुनौतियां बढ़ गई हैं इनका मुकाबला समृद्ध सोच से ही किया जा सकता है

