मेरठ 09 जुलाई (प्र)। स्कूली बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले वाहन संचालकों के खिलाफ परिवहन विभाग एक्शन मोड में है। ‘मिशन सेफ फ्यूचर’ अभियान के तहत बुधवार को हस्तिनापुर और बहसूमा क्षेत्र में चले विशेष अभियान में बिना वैध फिटनेस और परमिट के बच्चों को ढो रहे छह स्कूल वाहनों को मौके पर ही सीज कर दिया गया, जबकि विभिन्न नियमों के उल्लंघन में 17 वाहनों के चालान किए गए। इस कार्रवाई से वाहन संचालकों में हड़कंप मच गया। यह अभियान एआरटीओ (प्रवर्तन) सुधांशु वैध रंजन के नेतृत्व में चलाया गया। जांच के दौरान कई स्कूल वाहनों में फिटनेस प्रमाणपत्र, परमिट और अन्य जरूरी दस्तावेज नहीं मिले। ऐसे वाहनों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें सीज कर दिया गया।
एआरटीओ (प्रवर्तन) ने कहा कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यालय और वाहन स्वामी की जिम्मेदारी है कि बच्चों के आवागमन के लिए निर्धारित सभी सुरक्षा मानकों का पालन करें। उन्होंने बताया कि स्कूल वाहनों में फिटनेस, परमिट, बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र, स्पीड गवर्नर, अग्निशामक यंत्र, फर्स्ट एड बॉक्स, इमरजेंसी एग्जिट, जीपीएस ट्रैकिंग और स्पष्ट पहचान ऑकित होना अनिवार्य है। इसके साथ ही चालक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस, पर्याप्त अनुभव और पुलिस सत्यापन होना चाहिए तथा वाहन में परिचालक की मौजूदगी भी जरूरी है।
नियम तोड़े तो स्कूल प्रबंधन भी होगा जिम्मेदार
एआरटीओ (प्रवर्तन) सुधांशु रंजन ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई विद्यालय बिना वैध फिटनेस प्रमाणपत्र या परमिट वाले वाहन से विद्यार्थियों का परिवहन कराता पाया गया, तो केवल वाहन स्वामी ही नहीं, संबंधित स्कूल प्रबंधन भी जिम्मेदार माना जाएगा। ऐसे मामलों में मोटर वाहन अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई के साथ विद्यालय की मान्यता पर भी कार्रवाई की संस्तुति सक्षम प्राधिकारी को भेजी जाएगी। विभाग ने सभी स्कूलों से सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने की अपील की है।

