नई दिल्ली, 10 फरवरी। आज के समय में ज्यादातर लोग सोने से पहले फोन चार्ज पर लगाते हैं और सुबह उठकर 100 प्रतिशत बैटरी के साथ इस्तेमाल करते हैं। यह आदत देखने में भले ही सुविधाजनक लगे, लेकिन एक्सपर्ट्स के मुताबिक रातभर फोन चार्ज करना बैटरी की उम्र के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। खासतौर पर 100 प्रतिशत चार्जिंग स्मार्टफोन के लिए धीरे-धीरे जहर की तरह काम करती है।
आधुनिक स्मार्टफोन्स में लिथियम-आयन बैटरी होती है। जब फोन 100 प्रतिशत चार्ज हो जाता है तो बैटरी पर ज्यादा वोल्टेज का दबाव पड़ता है। अगर फोन लंबे समय तक फुल चार्ज पर लगा रहता है तो बैटरी के केमिकल स्ट्रक्चर पर असर पड़ता है। यही वजह है कि कुछ महीनों या साल भर में फोन की बैटरी पहले जितनी मजबूत नहीं रह पाती और बैकअप तेजी से गिरने लगता है।
रातभर चार्जिंग के दौरान फोन हल्का-फुल्का चार्ज लेता रहता है जिससे हीट जनरेट होती है। अगर फोन तकिए के नीचे, कवर में या बंद जगह पर रखा हो, तो गर्मी और ज्यादा बढ़ सकती है। यह न सिर्फ बैटरी बल्कि फोन के अंदर मौजूद अन्य कंपोनेंट्स के लिए भी नुकसानदेह हो सकता है।
बैटरी एक्सपर्ट्स के मुताबिक स्मार्टफोन को 20 प्रतिशत से 80 प्रतिशत के बीच चार्ज रखना सबसे बेहतर माना जाता है। इस रेंज में बैटरी पर न तो ज्यादा दबाव पड़ता है और न ही ज्यादा हीट बनती है। यही कारण है कि कई कंपनियां अब 80 प्रतिशत चार्ज लिमिट फीचर देने लगी हैं।
अगर आपके फोन में चार्ज लिमिट का ऑप्शन नहीं है तो अलार्म लगाकर 80-85 प्रतिशत पर चार्ज निकाल लें। इसके अलावा ओरिजिनल चार्जर का इस्तेमाल करें और चार्जिंग के दौरान फोन का ज्यादा उपयोग न करें।
Trending
- हमने सरकार की साजिश को नाकाम किया, लोकतंत्र की जीत हुई रू प्रियंका गांधी
- महिला आरक्षण का विधेयक पास ना होना सही नहीं
- आर जैरथ ने मुददे तो सही उठाए लेकिन कहे अनकहे रुप में सोशल मीडिया को टारगेट करना अब सही नहीं है
- अप्रैल माह धूमकेतु के लिए रोमांचक
- छोटे-मोटे सभी तरह के अपराधों के निस्तारण के लिए कुछ शर्तों के साथ पंच और पंचायतों के फैसलों को दी जाये मान्यता
- सरकार महात्मा ज्योतिबा फुले और सावित्री बाई फुले के साथ ही अहिल्याबाई होल्कर को भी दे भारत रत्न
- 2027 के विधानसभा चुनावों में मतदाताओं को बांधे रखने में सफल विधायकों नेताओं और कार्यकर्ताओं को मंत्रिमंडल और निगमों में मिल सकता है स्थान, रालोद के कोटे से भी मंत्री औ निगम अध्यक्ष के साथ ही डॉ सांगवान को मिल सकती है जिम्मेदारी
- 138 डिग्री, डिप्लोमा व प्रमाण पत्र रखते हैं दशरथ

