सहारनपुर/सरसावा 03 अगस्त। सरसावा में जिम संचालक और बालाजी कॉलेज ऑफ लॉ में क्लर्क पद पर तैनात देवदत्त शर्मा ने बीते शनिवार देर रात आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में रविवार को सनसनीखेज मामला सामने आया। देवदत्त ने आत्महत्या से पहले अपनी भांजी को व्हाट्सएप पर टाइप किया हुआ एक संदेश भेजा था। संदेश में देवदत्त ने अपनी अंतिम इच्छाएं लिखीं और कहा कि उनके निधन के बाद पत्नी सीमा को न तो उनका शव दिखाया जाए और न ही पार्थिव शरीर के पास आने दिया जाए। पुलिस इस संदेश को जांच का हिस्सा मानकर पड़ताल कर रही है।
सुसाइड से पहले उन्होंने अपनी भांजी को वॉट्सऐप पर मैसेज टाइप करके भेजा। लिखा- अब अपमान सहन नहीं होता। बार-बार मरने से बेहतर है कि एक ही बार मर जाऊं। कायर नहीं हूं, लेकिन अपमान ने आत्मा को अंदर से मार दिया। मेरी लाश को पत्नी को छूने न दिया जाए।
उन्होंने लिखा- मेरे अंतिम संस्कार में ज्यादा पैसे खर्च नहीं करना। आत्मा की शांति के लिए कोई धार्मिक कार्यक्रम न किया जाए। मैं चाहता हूं कि मेरी आत्मा भटकती रहे। घटना शहर से 30 किमी दूर सरसावा थाना क्षेत्र की है।
देवदत्त शर्मा (52) रेलवे रोड इलाके में रहते थे। माता-पिता की कई साल पहले ही मौत हो चुकी है। 2 भाई-बहनों में बड़े थे। बहन रजनी (45) की शादी सहारनपुर के ही रहने वाले सचिन शर्मा से हुई थी। सचिन की 3 साल पहले मौत हो चुकी है। उसकी 21 साल की बेटी नेहा शर्मा है। देवदत्त ने सुसाइड से पहले नेहा को ही मैसेज भेजा था।
देवदत्त की 33 साल पहले सीमा रानी (49) से शादी हुई थी। परिवार में पत्नी के अलावा दो बेटे हैं। बड़ा बेटा अभिषेक दुबई में नौकरी करता है, जबकि छोटा बेटा आदित्य चंडीगढ़ में फॉरेंसिक की पढ़ाई कर रहा है। आदित्य पावरलिफ्टर भी है। हाल ही में देहरादून में 74 किलो वर्ग में 135 किलो का वजन उठाकर गोल्ड मेडल जीता था।
देवदत्त साल 2000 से घर के पीछे ‘रॉक जिम’ नाम का जिम चला रहे थे। पिछले 2 साल से शहर के बालाजी ग्रुप ऑफ कॉलेज में क्लर्क की नौकरी कर रहे थे। उन्हें 17 हजार रुपए सैलरी मिलती थी। कॉलेज से लौटने के बाद जिम चलाते थे। देवदत्त ने तिलक राम सैनी गर्ल्स कॉलेज और इलामचंद सनी गर्ल्स कॉलेज में भी नौकरी की थी।

