लखनऊ, 03 मार्च, (अम)। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि जगद्ग शंकराचार्य भगवान हैं। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ढोंगी हैं। शंकराचार्य जहां भी जाएंगे हम रामभक्त होने के नाते उनका स्वागत करेंगे। हिंदू धर्म में शंकराचार्य का स्थान सर्वाेच्च है। डिप्टी सीएम ने गत दिवस सर्किट हाउस में पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा।
उन्होंने कहा कि यूपी में कानून का राज है। किसी अपराधी या गो तस्कर की इतनी हिम्मत नहीं है कि वह गोमाता की हत्या करे। गाय में 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास होता है। वह समस्त सृष्टि का पालन करती है इसलिए उन्हें किसी सरकारी दर्जे की आवश्यकता नहीं है, वे स्वतः पूज्यनीय हैं। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में विकास और सुशासन की जो लहर चल रही है उसके दम पर 2047 तक भाजपा सरकार बनी रहेगी। विपक्ष के गठबंधनों ताश के पत्तों की तरह बिखर जाएंगे।
उन्होंने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर हमला बोलते हुए कहा कि सपा के शासनकाल में रामभक्तों और शिवभक्तों का दमन किया गया। गो तस्करों को संरक्षण मिला। अखिलेश का शंकराचार्य को समर्थन देना केवल राजनीतिक पैंतरा है ताकि वे हिंदू मतदाताओं को भ्रमित कर सकें। जब भी सपा या कांग्रेस हिंदुत्व की बात करते हैं तो वह केवल वोट बैंक की खातिर किया गया एक राजनीतिक ढोंग होता है। सपा-कांग्रेस के नेताओं पर हिंदू विश्वास नहीं करते हैं।
अखिलेश ने उठाया बीएलओ का मुद्दा
उधर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने एसआईआर पर कहा है कि दिन-रात चौबीसो घंटे के दबाव के अलावा प्रदेश में बीएलओ पर गलत काम करने का दबाव भी है। पहले जो दबाव फार्म 7 से सही लोगों के नाम कटवाने का था, वैसा ही दबाव अब फार्म 6 के माध्यम से नये फर्जी नाम जोड़ने का है। ऐसा गलत काम करने के लिए अधिकतर बीएलओ का मन गवाही नहीं देता है, इसीलिए वो हताश होकर आत्महत्या जैसे प्राणघातक फैसले तक कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ‘एसआईआर-2026 जीवनमुक्ति’ के शीर्षक से आत्महत्या की चिट्ठी लिखकर ग्राम अलियाबाद, बिंदकी फतेहपुर में शिक्षामित्र बीएलओ अखिलेश कुमार सविता ने शनिवार शाम को सरकारी प्राथमिक विद्यालय के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। कारण स्पष्ट रूप से एसआईआर का अत्यधिक दबाव व 10 दिन बाद होने वाली बेटी की शादी के लिए अधिकारियों द्वारा छुट्टी न देना था। अखिलेश यादव ने बीएलओ से अपील की है कि निराश-हताश न हों। आपका जीवन आप और आपके परिवार के लिए अनमोल है। इतिहास में ऐसे अनेक उदाहरण हैं जब खलनायक बन चुकी सत्ताओं का घोर पतन दुनिया ने देखा है। उन्होंने कहा कि भाजपाई स्वयं तो निर्मम-निर्दयी हैं ही, इन्होंने अधिकारियों को भी हृदयहीन-संवेदनहीन बना दिया है। बेटी की शादी का भावनात्मक महत्व और जिम्मेदारी कितनी होती है, ये वो ही जान सकते हैं, जिनके अपने परिवार हैं। भाजपा को इस पाप का महापाप लगेगा।
Trending
- छोटे-मोटे सभी तरह के अपराधों के निस्तारण के लिए कुछ शर्तों के साथ पंच और पंचायतों के फैसलों को दी जाये मान्यता
- सरकार महात्मा ज्योतिबा फुले और सावित्री बाई फुले के साथ ही अहिल्याबाई होल्कर को भी दे भारत रत्न
- 2027 के विधानसभा चुनावों में मतदाताओं को बांधे रखने में सफल विधायकों नेताओं और कार्यकर्ताओं को मंत्रिमंडल और निगमों में मिल सकता है स्थान, रालोद के कोटे से भी मंत्री औ निगम अध्यक्ष के साथ ही डॉ सांगवान को मिल सकती है जिम्मेदारी
- 138 डिग्री, डिप्लोमा व प्रमाण पत्र रखते हैं दशरथ
- 10,000 करोड़ कमाने का रिकॉर्ड दीपिका पादुकोण ने बनाया
- दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर अब बाइक-ऑटो या ट्रैक्टर दिखा तो 20 हजार जुर्माना
- माता-पिता तेंदुए के जबड़े से मासूम को खींच लाए
- दुष्कर्म का आरोप लगाकर बदलवाया सिपाही का धर्म

