Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • मुख्यमंत्री जी ध्यान दीजिए
    • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दिग्गज क्रिकेटर रोहित शर्मा को दिया पद्मश्री अवॉर्ड
    • FIFA World Cup 2026 : मेसी-रोनाल्डो की टीमें नॉकआउट चरण में आमने सामने होंगी
    • ‘एलायंस’ का जबरदस्त ट्रेलर रिलीज
    • माता वैष्णों देवी दर्शनार्थियों की संख्या 50.70 लाख पहुंची
    • दिल्ली से अमृतसर आ रहा एयर इंडिया का विमान पाकिस्तान पहुंचा, चेतावनी पर लिया यू टर्न
    • लू का प्रकोप पूर्वी उत्तर प्रदेश में जारी
    • शहर में होगा आचार्य सौरभ सागर का चातुर्मास
    Facebook Instagram X (Twitter) YouTube
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Demo
    • न्यूज़
    • लेटेस्ट
    • देश
    • मौसम
    • स्पोर्ट्स
    • सेहत
    • टेक्नोलॉजी
    • एंटरटेनमेंट
    • ऑटो
    • चुनाव
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Home»देश»बड़े वाहनों पर प्रतिबंध से क्या फायदा, दिनभर सामान भरकर बाजारों में घूमते हैं टेंपों
    देश

    बड़े वाहनों पर प्रतिबंध से क्या फायदा, दिनभर सामान भरकर बाजारों में घूमते हैं टेंपों

    adminBy adminJanuary 13, 2026No Comments7 Views
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn WhatsApp Reddit Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    सुबह आठ से रात नौ बजे तक भारी वाहनों के शहरों में प्रवेश पर प्रतिबंध के बावजूद जितना सामान बड़े ट्रकों में नहीं आता उतना टै्रक्टर ट्रॉलियों और टेपों भरकर बाजारों में घूमते हैं और जाम लगाते हैं। इस बात से कोई अनभिज्ञ नहीं है। बड़े बाजारों के साथ छोटे मोहल्लों में भी यह छोटे ट्रक घूमकर व्यवस्था बिगाड़ते देखे जा सकते हैं मगर पता नहीं मीडिया में रोजाना दो व चार पहिया वाहनों का चालान करने का दावा करने वालों को यह मैजिक और टेपों ट्रक क्यों नहीं दिखाई देते। आम आदमी का मानना है कि जब तक इनके बाजारों में घूमने पर रोक नहीं लगेगी जब तक जाम से मुक्ति मिलने वाली नहीं है। इस बारे में अफसरों से कुछ कहना तो ठीक सा नहीं लगता है। मगर सांसद और विधायकों को यह सवाल सदन में उठाकर दुर्घटनाओं को रोकने व जाम से मुक्ति दिलाने के लिए भी अब जरूरी होता जा रहा है। बताते चलेें कि बड़ी ट्रॉलियां सामान से भरकर व जुगाड़ टेंपों इतना सामान लेकर घूमते हैं जिसे देखकर ताज्जुब होता है। मगर तिपहिया वाहन लोहे के गाटर लेकर पुलिस के सामने से निकलते हैं। इन्हें कोई नहीं रोकता। कार व बाइक को रोककर चालान किए जाते हैं जबकि इन जुगाड़ वाहनों पर कोई कागज नहीं होता। इन पर रहम और आम आदमी पर सितम किसलिए। मुझे लगता है कि डॉ लक्ष्मीकांत वाजपेयी जैसे जुझारू जनप्रतिनिधियों कैंट विधायक अमित अग्रवाल, किठौर विधायक शाहिद मंजूर व शहर विधायक रफीक अंसारी को आगे आकर दो पहिया वाहनों के चालान रोकने से हो रहे उत्पीड़न को रोकने का प्रयास किया जाना चाहिए।
    (प्रस्तुतिः- रवि कुमार बिश्नोई संपादक दैनिक केसर खुशबू टाइम्स मेरठ)

    sampadkiya tazza khabar tazza khabar in hindi
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram Email
    admin

    Related Posts

    मुख्यमंत्री जी ध्यान दीजिए

    June 24, 2026

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दिग्गज क्रिकेटर रोहित शर्मा को दिया पद्मश्री अवॉर्ड

    June 24, 2026

    FIFA World Cup 2026 : मेसी-रोनाल्डो की टीमें नॉकआउट चरण में आमने सामने होंगी

    June 24, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    © 2026 Tazza khabar. All Rights Reserved.
    • Our Staff
    • Advertise

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.