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    Home»देश»पोस्टर बैनरों में प्रदर्शित व्यापारिक संस्थानों से राजस्व की हो वसूली
    देश

    पोस्टर बैनरों में प्रदर्शित व्यापारिक संस्थानों से राजस्व की हो वसूली

    adminBy adminJuly 23, 2026No Comments1 Views
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    जनहित की योजनाओं को पूरा करने और सरकारी खर्च में कमी ना आए इसके लिए सरकार को मिलने वाला राजस्व प्राप्त होता रहे तो शिक्षा स्वास्थ्य व जनमानस के काम तेज हो सकते हैँ लेकिन देखने को मिलता है कि कुछ अधिकारी नागरिकोंके अनुसार अपना बैंक बैलेंस बढ़ाने सुविधा जुटाने के लिए सरकार व जनता के हित की बात भूल जाते हैं। उदाहरण के रुप में हम बाजारों सड़कों हाईवे पर होडिंग बैनर के लिए बने नियमों को नजरअंदाज कर लगने वाले बोर्डो को देख सकते हैं। पिछले दिनों सड़क परिवहन विभाग ने इससे होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए निर्णय लिए लेकिन जिस सड़क पर आप निकलेंगे तो धार्मिक, महापुरूषों के स्वागत जनप्रतिनिधियों की अगवानी के होडिंग बैनर लगे मिलेंगे। इन पर महान व्यक्तियों के स्वागत की बात होगी और नीचे अपना और अपने परिवार के लोगों को फोटो के साथ अपने व्यवसाय का विज्ञापन होगा। अगर यह काम नियम से कराए जाए तो अधिकारियों के ध्यान ना देने से मिलने वाले राजस्व की जो चोरी हो रही है। कुछ बुद्धिजीवियों का कहना है कि अरबों रुपये तक का राजस्व रोजाना सरकार को इससे मिल सकता है जो अफसरों व कर्मचारियों की जेब में जा रहा और अपना विज्ञापन करने वालों को फायदा पहुंच रहाहै। कैंट बोर्ड और नगर निगम ने कुछ साल पहले इसके खिलाफ अभियान चलाया था तो राजस्व की प्राप्ति होने लगी थी। और दुर्घटनाओं में भी कमी आने लगी थी। इसे ध्यान में रखते हुए केंद्र व प्रदेश सरकार व अफसर शांति व्यवस्था के अनुसार वीआईपी के स्वागत के लिए बैनर पोस्टर ना हटाएं लेकिन इनके नाम पर अपना विज्ञापन करने वालों से तो वसूली की ही जा सकती है। सरकार को देखना है कि अपने मातहतों को इस काम के लिए कितना तैयार कर पाती है जनहित में।
    (प्रस्तुतिः- रवि कुमार बिश्नोई संपादक दैनिक केसर खुशबू टाइम्स मेरठ)

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