शहरों के सौंदर्यीकरण और विकास के लिए हर स्तर पर काम चल रहा है। सरकार भरपूर बजट दे रही है और संबंधित विभागों के अधिकारी लंबे दावे करने से चूक नहीं रहे हैं लेकिन मेडा की आठ फीट ऊंची दीवार से कसेरुखेड़ा के नाले की सफाई ठप हो गई है। उसमें सिल्ट व कचरा जमा होने से पार्षद के अनुसार बरसात में मोहल्ले जलमग्र हो रहे हैं। इनका कहना है कि यहां मशीन तो क्या पैदल भी नहीं जा सकते। पार्षद के कथन और खबर का संज्ञान लेकर जनप्रतिधियों को इस बारे में मौका मुआयना करना चाहिए और आवश्यकतानुसार इस दीवार को हटावाया जाए और जो विकास के दावे किए जा रहे हैं उनकी डॉ लक्ष्मीकांत वाजपेयी बिंदुवार समीक्षा कराईये और देखिये कि जो चौराहों पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए थे उनकी क्या स्थिति है और नई योजनाओं के विकसित होने से पहले सभी सांसद और विधायकों को कमिश्रर के साथ बैठकर समीक्षा की जाए क्योंकि सरकार विकास के लिए पैसा दे रही है किसी का बैक बैलेंस बढ़ाने के लिए नहीं। कुछ सरकारी अफसरों के यहां धन मिलने की खबरें आती हैं वो ऐसे ही मामलों से तैयार होती हैं।
(प्रस्तुतिः- रवि कुमार बिश्नोई संपादक दैनिक केसर खुशबू टाइम्स मेरठ)
Trending
- मुख्यमंत्री जी अभी हजारो हेक्टेयर भूमि और कब्जा मुक्त हो सकती है अफसर शिकायतों का कर रहे हैं फर्जी निस्तारण ढूंढने से भी खेती व कृषि की जमीन
- बाईपास पर एक नामी कंपनी के स्टोर की चर्चा, रेडिसन ब्लू संगरीला द ललिता अशोका जैसे होटलों और नामचीन कंपनियों के सेल्स
- कच्ची कॉलोनियां काटकर और अवैध निर्माण करने तथा सरकारी जमीन घेरकर बेचने वालों के खिलाफ देशभर में चलेगा बुल्डोजर सुविधा शुल्क लेने वाले भी बचा नहीं पाएंगे
- पत्रकारों के साथ जो जनप्रतिनिधि करते थे अब युवाओं के साथ कर रहे हैं
- छोटा हसनपुर से सिसौली तक भाजपा ने निकाली तिरंगा यात्रा
- प्रो. उषा सिंह मेजर पद पर हुईं पदोन्नत
- दीपके का ऐलान, जंतर-मंतर पार्ट 2 जल्द
- रक्षाबंधन पर परिवहन निगम छह दिन अतिरिक्त बसों का संचालन करेगा
