उप्र में कई बार मुख्यमंत्री और केन्द्र में मंत्री रहे जमीनी राजनीति से शुरूआत कर इस क्षेत्र में शीर्ष तक पहुंचे समाजवादी पार्टी के संस्थापक लौह और विकास पुरूष के रूप में चर्चित मुलायम सिंह यादव की पुत्रवधू तथा वर्तमान में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की भाभी वर्तमान समय में उप्र महिला आयोग की उपाध्यक्ष तथा प्रतीक यादव की धर्मपत्नी अपर्णा और प्रतीक लेंगे तलाक जैसी खबरें राजनीति गलियारे एवं सोशल मीडिया प्लेटफार्म से निकलकर इंस्टाग्राम तक पहुंची तो वो चर्चा का विषय बन गया। बताते चले कि 2011 में प्रतीक अपर्णा की शादी हुई थी। खबर के अनुसार अर्पणा यादव के भाई अमन विष्ट का कहना है कि प्रतीक यादव का सोशल मीडिया एकाउंट हैक हो गया है ऐसी ही कुछ अपर्णा यादव भी कर रही है और जिसकी शिकायत की जा रही है। बताते चले कि शादी से पूर्व लगभग 8 साल तक अर्पणा यादव व प्रतीक आपस में घनिष्ठ मित्र रहे। इसलिए यह कह सकते है कि दोनों में तालमेल और समझबूझ पूरी है। इसलिए जल्दी से इस खबर पर पूर्ण विश्वास तो नहीं किया जा सकता। और अभी तक मजबूती के साथ अधिकारिक रूप से दोनों की तरफ से कोई जानकारी नहीं दी गई और ना ही इस संदर्भ में सोशल मीडिया पर कुछ लिखा या बताया गया है।
लगभग दो दशक पुराना यह रिश्ता जो लखनऊ के लारेंटो स्कूल से शुरू हुआ था वो जल्दी से टूटने वाला लगता नहीं है। अपर्णा के पिता वरिष्ठ पत्रकार अरविन्द सिंह विष्ट मुलायम सिंह यादव के पुराने परिचित थे। शादी के उपरांत 2014-15 के अपर्णा यादव ने तब सुर्खियां बटोरी जब पार्टी की अधिकारिक लाईन से हटकर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के स्वच्छ भारत अभियान की तारीफ कर सनसनी फैला दी थी। और उसके बाद पीएम के साथ उनकी एक सेल्फी ने जहां यादव परिवार से उनकी दूरी बढ़ाई वहीं भाजपा से उनकी निकटता बढ़ती चली गई। कुछ दिन पूर्व प्रदेश महिला आयोग के अध्यक्ष पद को लेेकर थोड़ी चर्चाऐं चली थी जो अपर्णा यादव और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की हुई मुलाकात के बाद समाप्त हो गई। और अपर्णा यादव ने आयोग का उपाध्यक्ष बनना स्वीकार कर लिया। बताते चले कि अपने समय में यूपी के जननायक के रूप में अपनी पहचान बनाने में सफल रहे जन मानस के नेता श्री मुलायम सिंह यादव ने 2003 में मालती देवी जो उनकी पहली पत्नी थी का निधन हो जाने के बाद साधना जी से शादी की। जिनके बेटे प्रतीक यादव है। स्मरण रहे कि मुलायम सिंह जी ने यह बात किसी से विशेष रूप से छिपाकर नहीं रखी और वो दोनों पुत्रों के साथ जहां तक पता चलता है तालमेल बनाये रखने में कामयाब रहे। तो पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी उनसे कोई विशेष दूरी बनाकर रखने की कोशिश नहीं की इसलिए कुछ मौकों को छोडकर भाजपा में शामिल होने के बाद भी अपर्णा यादव ने अखिलेश यादव व समाजवादी पार्टी की कोई ऐसी बुराई नहीं की जिससे पार्टी को कोई बड़ा नुकसान हो सकता हो। अखबारी खबरों को देखकर अभी इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता। क्योंकि अपर्णा यादव के भाई ने जो सोशल मीडिया एकाउंट हैक होने की बात कही है उसे भी नजर अंदाज नहीं कर सकते। बाकी अब तो कहीं भी कुछ भी हो सकता है और फिर राजनीति तो एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें कब क्या हो जाए कौन किसके विरूद्ध और कौन किसके समर्थन में खड़ा रहे यह विश्वास के साथ कोई कुछ नहीं कह सकता। इसलिए यही कहा जा सकता है कि अभी यह काम न करते हुए कि प्रतीक व अपर्णा का परिवार न टूटे तलाक की बात अफवाह बनकर रह जाए की संभावनाओं के साथ आगे क्या होता है इंतजार कीजिए।
(प्रस्तुतिः- अंकित बिश्नोई राष्ट्रीय महामंत्री सोशल मीडिया एसोसिएशन एसएमए व पूर्व सदस्य मजीठिया बोर्ड संपादक व पत्रकार)
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