नई दिल्ली, 03 जुलाई (ता)। विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार का कहना है कि अयोध्या श्रीराम मंदिर चढ़ावा मामले में ट्रस्ट की अपील पर ही एसआईटी गठित की गई। उन्होंने कहा कि यह मामला बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है, इससे देश- विदेश के हिंदुओं व प्रभु श्रीराम में आस्था रखने वाले भक्तों की भावनाओं को ठेस पहुंची है।
उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच से दिक्कत नहीं है। एसआईटी पूरी ईमानदारी से जांच कर रही है। विहिप किसी भी तरह से चढ़ावा चोरी के लिए जिम्मेदार नहीं है क्योंकि राम मंदिर मामले में सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आने के बाद से ही मंदिर निर्माण और संचालन की जिम्मेदारी विहिप की नहीं रही है।
श्रीराम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में चंपत राय के महासचिव होने पर उन्होंने कहा कि वे विहिप के उपाध्यक्ष हैं, लेकिन ट्रस्ट में महासचिव बनने में विहिप की तरफ से शामिल नहीं किया गया। चंपत राय ने जांच में पूरा सहयोग किया है। विहिप केस की जांच पूरी होने के बाद ही चंपत राय पर किसी तरह के एक्शन पर विचार किया जाएगा।
आलोक कुमार का कहना है कि एसआईटी रिपोर्ट के आधार पर चंपत राय पर किसी तरह का आरोप नहीं लगा है, केवल लापरवाही के दोषी हो सकते हैं। ऐसे में बिना जांच पूरी हुए उन्हें बर्खास्त करना तर्कसंगत है क्या। आलोक कुमार ने राम मंदिर से चढ़ावा मामले की जांच में तेजी पर जोर दिया और कहा कि रोजाना सुनवाई और समय पर न्याय तय करने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाया जाए। दोषियों को जल्द से जल्द सजा मिलनी चाहिए।
उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार ने तीन सदस्यीय स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) को जांच में और समय दिया है। एसआईटी दान पैसों, जमीन के लेन-देन, गायब सामान, खामियों को लेकर जांच कर रही है।
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