विवाह हो या धार्मिक सवारियां डीेजे की आवाज से आम आदमी तो बुरी तरह त्रस्त होता ही है बच्चों की पढ़ाई में भी व्यवधान होता है। कभी कभी इनके द्वारा भयंकर आवाज निकाली जाती है जिससे कमजोर दिल के व्यक्ति के कान के पर्दे प्रभावित होते हैं, घरों की दीवारें हिलने के साथ ही खिड़कियों के कांच टूट जाते हैं। जिन जगहों से यह बारात निकलती हैँ वहां के लोगों का डीजे की आवाज से हर काम ठप हो जाता है। इस भयंकर मानसिक उत्पीड़न से बचाने के लिए सरकार और अदालत द्वारा कई प्रकार के नियम बनाए गए हैं और आदेश पारित किए गए मगर इसे डीजे संचालकों की हठधर्मी कहे या आयोजनकर्ताओं का दबाव डीजे की आवाज आम लोगों के लिए नुकसानदायक सिद्ध हो रही है। बीते दिनों डीेजे संचालकों राज्यसभा सांसद डॉ लक्ष्मीकांत वाजपेयी से मुलाकात कर कांवड़ यात्रा को लेकर डीजे एंड साउंड एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने डीजे पर प्रतिबंधों को लेकर राहत दिलाने की मांग की। इस बारे में ज्ञापन भी सौंपा। कहा कि डीजे की ऊंचाई अधिकतम दस और चौड़ाई १२ फीट कर दी गई है जिससे उनके व्यवसाय पर गहरा असर पड़ रहा है। डॉ वाजपेयी भी आम आदमी की तरह सोचते हैँ इसलिए यह उम्मीद की जाती है कि वह डीजे बजाने की अनुमति दिलाने में मदद करें लेकिन इनके प्रतिनिधि मंडल ने जो इनकी चौड़ाई लंबाई को लेकर मांग की है उसके साथ ही तेज आवाज पर रोक लगे। इसमें इन्हें कोई भ्ीा राहत न देकर नियमों काउल्लंघन ना हो पाये यह सुनिश्चित किया जाए। शोभायात्रा बारात में डीेजे से किसी को कोई ऐतराज नहीं है लेकिन इससे जो असुविधा तेज आवाज और सड़क घेरकर चलने से जो लोगों को परेशानी होती है उस समस्या का समाधान करना शासन प्रशासन की नीति है। वाजपेयी जी इन्हें डीजे बजाने की अनुमति तो मिलनी चाहिए लेकिन सरकार और अदालत द्वारा जो नियम लागू किए गए हैं उनका पालन होना चाहिए क्योंकि इनकी मनमर्जी कई समस्याओं का कारण बनती है। आज इस खबर को पढ़कर नागरिकों का मानना था कि वाजपेयी जी को डीजे संचालकों की समस्याओं से पहले आम आदमी की समस्याओं का ध्यान रखना होगा जिससे वह शांति से जीवन यापन कर सके और उन्हें इनकी आवाज से कोई कठिनाई ना हो।
(प्रस्तुतिः- रवि कुमार बिश्नोई संपादक दैनिक केसर खुशबू टाइम्स मेरठ)
Trending
- समलैंगिक संबंधों के बारे में सरकार ले निर्णय लंबित मामलों का हो निस्तारण
- पासपोर्ट को माना जाए नागरिकता का सबूत
- वाजपेयी जी डीजे संचालकों से पहले आम नागरिकों की परेशानियों को ध्यान में रखा जाए
- पशुओं का इंजेक्शन सात साल के बच्चे को लगाने से गई जान
- अवैध रूप से पिलाई जा रही थी स्नूकर क्लब में शराब
- कायाकल्प होगा पांच प्रमुख चौराहों का
- बेरोकटोक चल रहे बेसमेंट में नर्सिंग होम
- शिक्षक नेता एमएलसी श्रीचंद का एमएम कॉलेज में हुआ भ्रमण
