अहमदाबाद, 22 जून (ता)। अहमदाबाद में गत दिवस नीट-यूजी पुर्नपरीक्षा के एक केंद्र के बाहर उस समय थोड़ी देर के लिए हंगामा हुआ जब कुछ अभिभावकों ने तलाशी के दौरान ‘कंठी’ (पवित्र धागा) हटाए जाने पर आपत्ति जताई, जबकि हिजाब पहनी छात्राओं को अंदर जाने की अनुमति दी गई थी। पुलिस ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने कहा कि यहां वस्त्रपुर इलाके में एक परीक्षा केंद्र के बाहर कथित तौर पर हंगामा करने वाले एक हिंदू संगठन के दो सदस्यों को थाने ले जाया गया और बाद में छोड़ दिया गया। सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) जयेश ब्रह्मभट्ट ने कहा कि नीट अभ्यर्थियों के लिए राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी के परिधान संबंधी नियमों को लेकर हुई गलतफहमी की वजह से यह मामला हुआ। कहा जा रहा है कि परीक्षा केंद्र के कर्मचारियों ने निर्धारित जांच प्रक्रिया के तहत विद्यार्थियों से कंठी एवं कुछ अन्य चीजें हटाने को कहा। उन्होंने कहा कि कुछ अभिभावकों ने इस बात पर आपत्ति जतायी कि हिजाब पहनी छात्राओं को अंदर जाने दिया जा रहा है जबकि हिंदू छात्रों से कंठी निकलवायी जा रही है।
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) और एक हिंदू संगठन के सदस्य परीक्षा केंद्र के बाहर जमा हो गये जिससे कुछ देर के लिए तनाव बढ़ गया। पुलिस ने बीच-बचाव किया तथा दोनों समूहों एवं अभिभावकों को एनटीए दिशा-निर्देशों के बारे में समझाया। ब्रह्मभट्ट ने कहा कि एक हिंदू संगठन के दो सदस्यों को परीक्षा केंद्र के पास हंगामा करने के बाद थाने ले जाया गया। उन्हें स्थिति के बारे में समझाया गया और बाद में छोड़ दिया गया।
उन्होंने साफ किया कि उन दोनों लोगों को न तो हिरासत में लिया गया और न ही गिरफ़्तार किया गया। एसीपी ने कहा कि परीक्षा कराने वाली संस्था एनटीए परिधान नियमों को लागू कर रही थी और नियमों को लेकर कुछ माता-पिता के बीच संशय की वजह से यह समस्या पैदा हुई। उन्होंने कहा कि जब पुलिस ने संबंधित माता-पिता को दिशा-निर्देश के बारे में समझाया तो स्थिति सामान्य हो गई और शांति बनी रही।
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