नई दिल्ली, 03 फरवरी। देश की अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए बजट में सात हाईस्पीड रेल कॉरिडोर का ऐलान किया गया है। दिल्ली, मुंबई, पुणे, हैदराबाद, चेन्नई, हैदराबाद और बेंगलुरु जैसे महानगरों को इस हाईस्पीड बुलेट ट्रेन के नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। अभी देश में मुंबई से अहमदाबाद तक हाईस्पीड रेल कॉरिडोर पर काम चल रहा है, जो 15 अगस्त 2027 तक पूरा हो जाने की उम्मीद है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इन 7 कॉरिडोर के निर्माण पर 16 लाख करोड़ रुपये निवेश का अनुमान जताया है। ऐसे हाईस्पीड रेलवे ट्रैक पर ट्रेनें 250 से 350 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी।. सरकार इसके लिए स्वदेशी श्वंदे भारतश् हाई-स्पीड प्लेटफॉर्म और जापानी बुलेट ट्रेन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करेगी।
सरकार ने आम बजट में सात नए हाई स्पीड कॉरिडोर बनाने की घोषणा की है। इसमें वाराणासी-सिलीगुड़ी हाई स्पीड कॉरिडोर पश्चिम बंगाल में भूमिगत होगा। सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण यह 40 किमी लंबा सिलीगुड़ी कॉरिडोर के नाम से जाना जाता है, यह बांग्लादेश सीमा से सटा है।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गत दिवस पत्रकार वार्ता में बताया कि पूर्वाेत्तर भारत को देश की मुख्य भूमि से जोड़ने वाले रणनीतिक रूप से अहम 40 किमी लंबे सिलीगुड़ी गलियारे में भूमिगत रेल पटरी बिछाने की योजना पर काम किया जा रहा है। वैष्णव ने आम बजट में रेल मंत्रालय संबंधी प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया कि भूमिगत रेलवे ट्रैक बिछाने और मौजूदा ट्रैक को चार लेन का बनाने की योजना पर काम हो रहा है। भूमिगत रेलवे लाइन बंगाल में टिन मिले हाट और रंगापानी रेलवे स्टेशनों के बीच होंगी। वैष्णव ने बताया कि इस साल भारतीय रेलवे को 2,93,030 करोड़ की बजटीय सहायता मिली है। यह अब तक का सबसे बड़ा आवंटन है।
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