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    Home»देश»अस्पताल में 50 बेड से अधिक पर आयुष्मान योजना में इलाज, सभी प्राइवेट अस्पतालों को लेना होगा एनएबीएच का सर्टिफिकेट
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    अस्पताल में 50 बेड से अधिक पर आयुष्मान योजना में इलाज, सभी प्राइवेट अस्पतालों को लेना होगा एनएबीएच का सर्टिफिकेट

    websitemarketing2019@gmail.comBy websitemarketing2019@gmail.comJune 13, 2026No Comments5 Views
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    मेरठ 13 जून (प्र)। अब 50 से कम बेड वाले प्राइवेट अस्पतालों में आयुष्मान योजना में मरीजों का इलाज नहीं कर सकेंगे। नए शासनादेश के तहत अब 50 से कम बेड वाले प्राइवेट अस्पतालों को आयुष्मान योजना की मान्यता नहीं दी जाएगी। 50 से अधिक बेड के प्राइवेट अस्पतालों को भी अब एनएबीएच का सर्टिफिकेट लेना होगा। नए शासनादेशों ने प्राइवेट अस्पतालों के संचालकों के होश उड़ा दिए हैं। 50 से कम बेड वाले कई प्राइवेट अस्पतालों की आयुष्मान की मान्यता लटक गई है। अब 50 से कम बेड वाले अस्पतालों के संचालक आयुष्मान योजना की मान्यता के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं।

    दरअसल, प्राइवेट अस्पतालों में आयुष्मान योजना में मरीजों का इलाज किया जाता है। इस योजना में पांच लाख रुपये तक का इलाज किया जा सकता है। अभी तक प्राइवेट अस्पतालों को आयुष्मान योजना की मान्यता के लिए बेड की संख्या की अनिवार्यता नहीं थी। इसी वजह से छोटे-छोटे प्राइवेट अस्पतालों में आयुष्मान योजना के लाभार्थियों का इलाज किया जा रहा था। कुछ प्राइवेट अस्पतालों में इस योजना में इलाज के नाम पर लंबा बिल बनाने के आरोप भी लगे। कई अस्पतालों में हंगामा भी हुआ, लेकिन हाल ही में शासन ने 50 से कम बेड वाले प्राइवेट अस्पतालों को आयुष्मान न देने का शासनदेश जारी कर दिया। इसके साथ 50 से अधिक बेड वाले अस्पतालों को एनएबीएच का सर्टिफिकेट लेना जरूरी कर दिया गया है। यानी अब 50 से कम बेड वाले प्राइवेट अस्पतालों में उक्त योजना में मरीजों का इलाज नहीं किया जा सकेगा।

    इसी वजह से 50 से कम बेड वाले कई अस्पतालों की मान्यता लटक गई है। उनके संचालक मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन सीएमओ डा. राम प्रसाद ने शासनादेश का शत प्रतिशत पालन करने की बात कहकर उन्हें इंकार कर दिया। मुख्य चिकित्साधिकारी डा. राम प्रसाद ने बताया कि हाल ही में नए शासनदेश में स्पष्ट कहा गया कि 50 से कम बेड वाले प्राइवेट अस्पतालों को आयुष्मान की मान्यता नहीं दी जाएगी। 50 से अधिक बेड वाले अस्पतालों को एनएबीएच का सर्टिफिकेट लेना जरूरी कर दिया गया। इस आदेश का जिलेभर में पालन कराया जाएगा।

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