लगता है भगवान इंद्र देव महाराज ने भी बरसने के लिए क्षेत्र बांट दिये हैं क्योंकि पिछले कई दिन से बादल तो खूब घिर घिर के आ रहे थे मगर पानी सभी जगह नहीं बरसा कहीं कुछ फुहारे चलीं तो कहीं खूब चले बादल मगर सभी को गर्मी से राहत एक साथ नहीं मिली।
आज सुबह से मौसम सुहावना था हल्की हल्की बूंदाबांदी नजर आ रही थी पूरे शहर में पड़ा या नहीं वह बात तो अलग है लेकिन छावनी के इलाके में इंद्र महाराज लगभग 11 बजे से जो बरसना शुरू हुए तो कई दिनों की कमी कुछ घंटों में ही पूरी कर दी। लेकिन बारिश के बदलाव से मुसिबत भी कम नहीं बढ़ी है क्योंकि सभी जगह बरसा नहीं और जहां बरसा वहां नालों का पानी सड़क पर और उसके साथ गंदगी का साम्राज्य भी नजर आने लगा थोड़ी सी बारिस ने ही सारी सफाई व्यवस्था के दावों की पोल खोलकर रख दी।
एसएडीपी ग्लोबल ने सोमवार को कहा कि कम मानसून के कारण महंगाई बढ़ सकमी है ग्रामीण मांग में कमजोरी आयेगी देश के राजकोषिय संतुलन पर दबाव बढ़ सकता है जो भी हो तकनीकी ज्ञान तो मौसम विभाग के लोग ही जान सकते हैं मगर आज घिर घिर कर आये बादलों ने कैंट क्षेत्र में जो बरसे तो कई दिन की कमी पूरी हो गयी। अगर इस बारिस के बाद घमस पैदा न हो तो यह कह सकते हैं कि कई दिन तक इससे बना सुहावना मौसम राहत पहुंचाता रहेगा वैसे यह जानकारी भी राहत पहुंचाने वाली है कि मौसम विभाग ने 10 जुलाई तक बरसात की संभावनाएं व्यक्त की है अगर यह सही होगा तो कम से कम अभी पांच सात दिन तो पसीने की चिपचिप और दमघोंटू घमस के छुटकारा मिलेगा। बारिस से उत्पन्न भरे सड़कों पर पानी को देखकर यह कहा जा सकता है कि जिम्मेदार विभाग के अधिकारियों को अभी से संभल जाना चाहिए। सड़कों से कूड़ा उठवाने और नाला नालियों की सफाई करानी चाहिए वरना बरसात के दौरान गंदगी से उत्पन्न होने वाली बिमारियां आम आदमी को बेहाल कर सकती है। आज खूब बारिश पड़ी लेकिन जिन क्षेत्रों में इंद्रदेव बरसे वहां भी बिजली का आना जाना लगा रहा जो ऐसा महसूस कराता था कि विभाग के अधिकारी दावे कितने ही कर लें लेकिन किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए वह पूरी तौर पर नजर नहीं आ रहे हैं।
प्रस्तुति :-अंकित बिश्नोई मजीठियां बोर्ड यूपी के पूर्व सदस्य सोशल मीडिया एसोसिएशन एसएमए के राष्ट्रीय महामंत्री, संपादक व पत्रकार
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