गाजियाबाद 04 फरवरी। विजिलेंस मेरठ की टीम ने निवाड़ी थाना प्रभारी (SHO) इंस्पेक्टर जयपाल सिंह रावत को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए थाने के भीतर ही रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई मंगलवार को की गई, इसके बाद विजिलेंस टीम गिरफ्तार थाना प्रभारी को अपने साथ ले गई। आरोप है कि इंस्पेक्टर ने ग्राम अबूपुर के पूर्व ग्राम प्रधान को झूठे मुकदमे में फंसाने और जेल भेजने की धमकी देकर रिश्वत की मांग की थी।
क्षेत्र के गांव अबूपुर निवासी पूर्व प्रधान राकेश कुमार उर्फ बिट्टू ने मेरठ विजिलेंस के एसपी राजीव कुमार से शिकायत करते हुए आरोप लगाए थे कि निवाड़ी थाना प्रभारी जयपाल सिंह रावत एक मुकदमे से नाम निकलवाने की एवज में उनसे 50 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहे हैं। इस पर विजिलेंस टीम का सीओ आजाद सिंह केसरी के नेतृत्व में गठन किया गया। विजिलेंस टीम में गाजियाबाद के विजिलेंस टीम के प्रभारी कृष्णपाल यादव ने टीम के साथ जाल बिछाते हुए केमिकल लगे 50 हजार रुपये के नोट की गड्डी देकर मंगलवार दोपहर करीब एक बजे पूर्व प्रधान राकेश को भेजा निवाड़ी थाना प्रभारी जयपाल सिंह रावत के पास थाना कार्यालय में भेजा। पूर्व प्रधान राकेश ने जब थाना प्रभारी को 50 हजार रुपये दिये तो विजिलेंस टीम ने उनको गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद थाना प्रभारी के केमिकल से हाथ धुलवाए गए। फिर, 50 हजार रुपयों के नोटों की गड्डी को सील किया गया। इसके बाद विजिलेंस की टीम गिरफ्तार थाना प्रभारी जयपाल सिंह रावत को मेरठ ले गई।
केस में नाम हटाने को मांगे थे 50 हजार रुपये
गांव अबूपुर के पूर्व प्रधान राकेश कुमार उर्फ बिटटू के खिलाफ गत दो जनवरी को गांव में सीएम व पीएम के पोस्टर फाड़ने तथा उनके खिलाफ अशोभनीय टिप्पणी, गाली-गलौज करने का मामला निवाडी पुलिस ने दर्ज किया था यह मामला विजय सिंह ने दर्ज कराया था। थाना प्रभारी ने आरोपी राकेश कुमार उर्फ बिट्टू का नाम केस से निकालने की एवज में हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। साथ ही, धमकी दी थी कि अगर रुपये नहीं दिए गए तो जेल भेज दूंगा एफआईआर हुई है, तो कुछ तो लिखना होगा। इस पर शिकायतकर्ता राकेश कुमार ने विजिलेंस में थाना प्रभारी जयपाल सिंह रावत की शिकायत की थी। बता दें, इससे पहले जनवरी माह में मेरठ एंटी करप्शन ने मुरादनगर में एक महिला दरोगा व सिपाही तथा उससे पहले तहसील में लेखपाल को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था।
बैंक में था मौजूदः केश
पूर्व प्रधान राकेश कुमार का कहना था कि 10 दिसंबर, 2025 को उसने गांव में जनपद के प्रभारी मंत्री असीम अरुण का कार्यक्रम कराया था। इस दौरान लाइब्रेरी उद्द्घाटन भी मंत्री ने किया था। इस दौरान मेरे पर बोर्ड उखाड़ने के आरोप लगाए गए कार्यक्रम स्थल के आसपास सीसीटीवी लगे हैं। साथ ही शाम चार बजे की घटना बताई, लेकिन उस समय वह बैंक में मौजूद थे। बैंक के सीसीटीवी चेक किए जा सकते हैं। सर्विलांस से लोकेशन भी देखी जा सकती है।

