बौद्ध श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि और भारत भूटान संबंधों और संस्कृति को बढ़ावा देने हेतु देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के चुनाव और कर्म क्षेत्र विश्व प्रसिद्ध धार्मिक नगरी वाराणसी मेें भूटान और भारत की संस्कृति को मजबूत बनाने तथा बौद्ध समाज की धार्मिक भावनाओं का आदर करते हुए वाराणसी में भूटान का बौद्धधाम बनाने हेतु आस्था और स्वच्छ कूटनीति का केन्द्र बनाने हेतु दो एकड़ जमीन 1 रुपये वार्षिक के किराये पर 30 साल के लिए दी गयी है। इस प्रयास को धार्मिक पर्यटन बौद्ध परिसर के विस्तार और अंतर्राष्ट्रीय सांस्कृतिक सहयोग के लिहाज से अहम माना जा सकता है। सरकार का मानना है कि इस योजना से सारनाथ और वाराणसी में देश-विदेश से आने वाले बौद्ध श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि होगी पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह और अपर प्रमुख सचिव अमृत अभिजात की उपस्थिति में बीते बुधवार को पर्यटन विभाग और रियल गर्वेमेंट ऑफ भूटान के बीच लीजडीड एग्रीमेंट एमओयू में हस्ताक्षर किये गये। बताते हैं कि वाराणसी के अजईपुर परगना कोल असला तहसील पिंडरा स्थित प्राईम लोकेशन 2 एकड़ भूमि हस्तानांतरित की गयी।
इस कार्य के लिए सरकार और पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह तथा अपर प्रमुख सचिव सबकी सोच और निर्णय की सराहना की जानी चाहिए। पर्यटन विभाग की ओर से विशेष सचिव मृदुल चौधरी के हस्ताक्षर से हुए इस समझौते के अच्छे परिणाम होंगे और जिस सोच के साथ यह प्रयास सफलता से सम्पन्न किया गया है यह पक्का है कि उसका दूरगामी परिणाम होगा मगर अगर यह जमीन 30 साल के बजाये 99 साल की लीज पर दी जाती तो और भी अच्छा था क्योंकि एक दो साल में तो बौद्ध धाम बनकर तैयार ही होगा धीरे-धीरे दुनिया में रहने वाले बौद्ध श्रद्धालुओं को इसके बारे में पता चलेगा क्योंकि तारीख रख दी गयी है और समअवधी तय हो चुकी है भजन पूजन दर्शन और चर्चा में यह कब बीत जायेगी यह पता भी नहीं चलेगा इसलिए लीज को 30 साल के स्थान पर 99 साल किया जाये तो अच्छा है इस बात से इनकार नहीं किये जा सकता कि 30 साल बाद किसकी सरकार होगी कौन पर्यटन मंत्री होगा और इस अवसर पर मौजूद अधिकारी कहां होगे इस कारण लीज आसानी से रिनुवल हो जायेगी अभी तक ऐसे मामलों में जो अब तक देखने को मिलाता है उसके हिसाब से यह आसान नहीं लगता। इसलिए मेरा मानना है कि भविष्य के दूरगामी परिणाम को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी को अपने स्तर से निर्णय लेते हुए इस लीज को 30 साल के स्थान पर 99 साल करना चाहिए।
(प्रस्तुतिः- रवि कुमार बिश्नोई संपादक दैनिक केसर खुशबू टाईम्स मेरठ)
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