एक से 30 जून तक चलाये जा रहे आईजीआरएस भौतिक सत्यापन अभियान बताते चले कि जनहित में माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा शुरू कराये गये आईजीआरएस पोर्टल एक अच्छे उद्देश्य के लिए शुरू हुआ था लेकिन कुछ सरकारी अफसरों द्वारा इस पर आने वाली शिकायतों का जो फर्जी निस्तारण किये जाने का सिलसिला शुरू हुआ उसे लेकर कई बार माननीय मुख्यमंत्री ने भी अपने तरीके से अधिकारियों को चेताया और खबरे सुनने और पढ़ने के लिए इसके गलत निस्तारण के रोज ही मिलते हैं क्योंकि उच्चाधिकारी बैठक बुलायेंगे लम्बा चौड़ा भाषण देकर समझते हैं कि इस काम को करने वाले जिम्मेदार हो जाएंगे मगर ऐसा है नहीं विकास प्राधिकरणों नगर निगमों व स्थानीय निकायों आदि सहित लगभग सभी कार्यालयों में कम या ज्यादा आईजीआरएस पोर्टल पर आने वाली शिकायतों पर फर्जी निस्तारण किया जा रहा है और इस मामले में मेरठ विकास प्राधिकरण मेडा और नगर निगम सबसे उच्च स्थान पर हैं क्योंकि अगर इनकी सही जांच करायी जाये तो पिछले दो साल में इन विभागों ने जितनी भी शिकायतों के निस्तारण किये उनमें से 50 प्रतिशत से भी ज्यादा फर्जी तरीके से निस्तारण किया गया और इसकी सच्चाई मौके पर जाकर या शिकायतकर्ता से बात कर विभाग के प्रमुख अधिकारी जान सकते हैं। इस मामले में जनपद मुजफ्फरनगर की तहसील जानसठ की उपजिलाधिकारी रश्मि लांबा की कार्यप्रणाली सराहनीय है और यह कहा जा सकता है कि उससे काफी शिकायतों का सही निस्तारण होगा और फर्जी तरीके से शिकायतों को रफा-दफा करने वाले बेनकाब भी होंगे। जानकारी अनुसार युवा अधिकारी रश्मि लांबा शाम के समय आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों की सटीक जांच करने के लिए शिकायतकर्ता को सीधे टेलिफोन करतीं हैं और बताती है कि हैलो मैं जानसठ एसडीएम बोल रही हूं आपकी शिकायत प्राप्त हुई इससे सही शिकायत करने वालों में विश्वास देखा जा रहा है और यह कहा जा सकता है कि अगर सारे अधिकारी दिन में 5-7 शिकायतकर्ताओं से भी अगर सीधा संपर्क कर ले तो आईजीआरएस पोर्टल पर आने वाली शिकायतों में भी कमी आएगी और पीड़ितों को न्याय भी बिना कठिनाई के मिलने लगेगा क्योंकि जब अफसर सीधे शिकायतकर्ता से संपर्क करने लगेंगे तो निस्तारण करने वाले जांच अधिकारी और कर्मचारियों में भी डर बना रहेगा यह बात विश्वास से कही जा सकती है मुझे लगता है कि प्रदेश सरकार और माननीय मुख्यमंत्री जी को इस मामले में अच्छा कार्य करने वाले सभी अधिकारियों सहित उपजिलाधिकारी जानसठ रश्मि लांबा को सम्मानित किया जाना चाहिए क्योंकि इससे और अफसरों को भी प्रेरणा मिलेगी और आम आदमी की शिकायतों का निस्तारण होने लगेगा।
प्रस्तुतिः- अंकित बिश्नोई राष्ट्रीय महामंत्री सोशल मीडिया एसोसिएशन एसएमए व पूर्व सदस्य मजीठिया बोर्ड यूपी संपादक पत्रकार
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