Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • भारतीय नियमों के आगे झुका मेटा? बाल शोषण और डीपफेक को माना गंभीर मुद्दा, सरकार बोली- US के कानून नहीं चलेंगे
    • संभल हिंसा पूर्व नियोजित साजिश का नतीजा, आयोग की रिपोर्ट में हुए कई खुलासे
    • गडकरी ने चालकों को ट्रैफिक नियमों की सही ट्रेनिंग देने की आवश्यकता पर बल दिया
    • राज्य का दर्जा बहाल करने का वादा अधूरा : उमर अब्दुल्ला
    • जम्मू-कश्मीर को राज्य दर्जा बहाली की मांग तेज
    • कार के डिवाइडर से टकराने से अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान अहमद की हादसे में मौत
    • विधायक उमाशंकर सिंह को बसपा सुप्रीमो ने दी श्रद्धांजलि
    • बम-बम भोले के जयघोष से गूंजा मेरठ
    Facebook Instagram X (Twitter) YouTube
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Demo
    • न्यूज़
    • लेटेस्ट
    • देश
    • मौसम
    • स्पोर्ट्स
    • सेहत
    • टेक्नोलॉजी
    • एंटरटेनमेंट
    • ऑटो
    • चुनाव
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Home»देश»धन की देवी का वास झाड़ू में होता है
    देश

    धन की देवी का वास झाड़ू में होता है

    websitemarketing2019@gmail.comBy websitemarketing2019@gmail.comJune 23, 2026No Comments4 Views
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn WhatsApp Reddit Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    नई दिल्ली, 23 जून (ता)। भारतीय संस्कृति विश्व की उन प्राचीनतम संस्कृतियों में से एक है जहां जीवन के प्रत्येक कार्य और प्रत्येक वस्तु को केवल उपयोगिता की दृष्टि से नहीं, बल्कि आध्यात्मिक, नैतिक और सामाजिक महत्व के साथ देखा गया है। हमारे ऋषि-मुनियों और पूर्वजों ने दैनिक जीवन में प्रयुक्त होने वाली वस्तुओं के माध्यम से भी समाज को गहरे संदेश देने का प्रयास किया। इन्हीं वस्तुओं में एक अत्यंत सामान्य किंतु अत्यंत महत्वपूर्ण वस्तु है- झाड़ू। आधुनिक युग में झाड़ू को केवल घर की सफाई का साधन माना जाता है, लेकिन भारतीय परंपराओं, धार्मिक मान्यताओं, वास्तुशास्त्र और लोक संस्कृति में इसका स्थान अत्यंत सम्मानजनक है। हमारे यहां झाड़ू को धन, वैभव और समृद्धि की देवी महालक्ष्मी का प्रतीक माना गया है। यही कारण है कि भारतीय परिवारों में झाड़ू का उपयोग करने के साथ-साथ उसका सम्मान भी किया जाता है।
    स्वच्छता और लक्ष्मी का संबंध
    सनातन धर्म में माता लक्ष्मी केवल धन की देवी नहीं हैं, बल्कि सुख, समृद्धि, ऐश्वर्य, सौभाग्य और सकारात्मक ऊर्जा की अधिष्ठात्री भी मानी जाती हैं। धार्मिक ग्रंथों में स्पष्ट उल्लेख मिलता है कि जहां स्वच्छता, शुचिता और व्यवस्था होती है, वहां माता लक्ष्मी का निवास होता है। इसके विपरीत जहां गंदगी, अव्यवस्था, आलस्य और अस्वच्छता होती है, वहां दरिद्रता, रोग और नकारात्मकता का वास माना जाता है। झाड़ू घर की धूल, कचरे और गंदगी को बाहर निकालती है, इसलिए इसे दरिद्रता को दूर करने वाली वस्तु कहा गया है। प्राचीन समय में जब लोग सुबह उठकर घर और आंगन की सफाई करते थे, तो इसे केवल साफ-सफाई नहीं बल्कि एक धार्मिक कर्तव्य भी माना जाता था। यह विश्वास था कि स्वच्छ घर में लक्ष्मी का आगमन होता है और परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
    झाड़ू को पैर लगना क्यों माना जाता है अशुभ?
    भारतीय परिवारों में अक्सर बुजुर्ग बच्चों को समझाते हैं कि झाड़ू को कभी पैर नहीं लगाना चाहिए। यदि गलती से पैर लग जाए तो उसे उठाकर प्रणाम करना चाहिए या क्षमा मांगनी चाहिए। इसके पीछे केवल धार्मिक भावना नहीं, बल्कि गहरा सांस्कृतिक संदेश भी छिपा हुआ है। भारतीय संस्कृति हमें उन सभी वस्तुओं का सम्मान करना सिखाती है जो हमारे जीवन को बेहतर बनाती हैं। जिस प्रकार हम पुस्तक, अन्न, औजार और उपकरणों का सम्मान करते हैं, उसी प्रकार झाड़ू का भी सम्मान किया जाता है, क्योंकि वह हमारे घर को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
    वास्तुशास्त्र में झाड़ू का महत्त्व
    वास्तुशास्त्र के अनुसार झाड़ू केवल सफाई का साधन नहीं है, बल्कि यह नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने का प्रतीक भी है। झाड़ू को हमेशा ऐसी जगह रखना चाहिए जहां वह आसानी से दिखाई न दे। मुख्य द्वार के सामने झाड़ू रखना अशुभ माना जाता है। पूजा घर या ईशान कोण में झाड़ू नहीं रखनी चाहिए। झाड़ू को रसोईघर के बिल्कुल पास रखना भी उचित नहीं माना जाता। झाड़ू को हमेशा लेटाकर रखना चाहिए, खड़ा करके नहीं। इन मान्यताओं का उद्देश्य घर में व्यवस्था बनाए रखना और सकारात्मक वातावरण को प्रोत्साहित करना है। सूर्यास्त के बाद झाड़ू नहीं लगाना चाहिए और कई उत्सवों पर झाड़ू खरीदने की परंपरा भी भारत में है।

    Desh Faith New Delhi Religion tazza khabar tazza khabar in hindi The Goddess of Wealth resides in the broom.
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram Email
    websitemarketing2019@gmail.com
    • Website

    Related Posts

    भारतीय नियमों के आगे झुका मेटा? बाल शोषण और डीपफेक को माना गंभीर मुद्दा, सरकार बोली- US के कानून नहीं चलेंगे

    August 6, 2026

    संभल हिंसा पूर्व नियोजित साजिश का नतीजा, आयोग की रिपोर्ट में हुए कई खुलासे

    August 6, 2026

    गडकरी ने चालकों को ट्रैफिक नियमों की सही ट्रेनिंग देने की आवश्यकता पर बल दिया

    August 6, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    © 2026 Tazza khabar. All Rights Reserved.
    • Our Staff
    • Advertise

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.