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    Home»देश»गडकरी ने चालकों को ट्रैफिक नियमों की सही ट्रेनिंग देने की आवश्यकता पर बल दिया
    देश

    गडकरी ने चालकों को ट्रैफिक नियमों की सही ट्रेनिंग देने की आवश्यकता पर बल दिया

    adminBy adminAugust 6, 2026No Comments3 Views
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    नई दिल्ली, 06 जुलाई (ता)। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने देश में सड़क दुर्घटनाओं को नियंत्रित करने के लिए चालकों को ट्रैफिक नियमों और लेन अनुशासन की सही ट्रेनिंग देने की आवश्यकता पर बल दिया है। संसद में बोलते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क दुर्घटनाओं के पीछे कई कारण हो सकते हैं। लेकिन सबसे मुख्य पहलू इंसानी व्यवहार है।
    इसी वजह से चालकों को लेन के नियमों और यातायात के कानूनों की वैज्ञानिक ट्रेनिंग देना अत्यंत आवश्यक हो गया है। ताकि दुर्घटनाओं और मौतों के आंकड़े पर लगाम लगाई जा सके।
    गडकरी ने कहा कि हमारे देश में चालकों को अच्छा प्रशिक्षण देने की जरूरत है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री ने कहा कि चालकों को लेन अनुशासन और यातायात नियमों का वैज्ञानिक प्रशिक्षण दिया जाना बहुत महत्वपूर्ण है। वह मनोनीत सदस्य सुधा मूर्ति के पूरक प्रश्न का जवाब दे रहे थे। मूर्ति ने कहा था कि देश में अच्छी सड़कें हैं, लेकिन दुर्घटनाएं भी बहुत अधिक हो रही हैं। उन्होंने पूछा था कि क्या सरकार के पास चालकों को लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए कोई नयी व्यवस्था या योजना है? बाद में मूर्ति ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग बहुत अच्छे हैं, लेकिन कई बार तेज और लापरवाही से वाहन चलाने वाले चालकों के कारण दुर्घटनाएं होती हैं।
    उन्होंने कहा कि अधिकतर मामलों में चालक अच्छी तरह प्रशिक्षित नहीं होते और संभव है कि उन्होंने गलत तरीकों से लाइसेंस हासिल किए हों। यह साबित करने के लिए कोई रिकॉर्ड या वीडियो नहीं होता कि उन्होंने ड्राइविंग टेस्ट कैसे पास किया। कई मामलों में नाबालिग चालक भी बिना परिणाम समझे वाहन चलाते हैं।’’ मूर्ति ने सरकार से ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया को और सख्त तथा पारदर्शी बनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि ड्राइविंग टेस्ट के दौरान वीडियो रिकॉर्डिंग की व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि केवल योग्य लोगों को ही वाहन चलाने की अनुमति मिले और सड़क दुर्घटनाएं कम हों। भाजपा सदस्य रेखा शर्मा ने राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के समय से कार्यान्वयन में देरी को कम करने के लिए उठाए जा रहे कदमों के बारे में सवाल किया। इस पर गडकरी ने कहा कि जमीन अधिग्रहण राज्य का विषय है और परियोजनाओं के लिए जमीन के साथ-साथ पर्यावरण और वन मंजूरी भी लेनी होती है।
    उन्होंने कहा कि हम आसमान में राजमार्ग नहीं बना सकते। हमें जमीन चाहिए और यही एक बड़ी समस्या है। द्रमुक सदस्य पी. विल्सन ने टोल वसूली का मुद्दा उठाते हुए कहा कि निवेश की भरपाई हो जाने के बाद भी टोल शुल्क लगातार लिया जाता है। उन्होंने पूछा कि क्या टोल शुल्क तय करने के लिए कोई स्वतंत्र प्राधिकरण बनाया जाएगा। गडकरी ने कहा कि सरकार ने पहले ही 3,000 रुपये का वार्षिक सड़क पास देने का लोकप्रिय निर्णय लिया है, जिसकी लोग सराहना कर रहे हैं।
    उन्होंने कहा कि सरकार के बजट में कई सीमाएं हैं और इसी कारण हमें टोल लेना पड़ता है। गडकरी ने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले इस मार्ग पर यात्रा में नौ घंटे लगते थे, लेकिन अब यह समय घटकर दो घंटे 15 मिनट रह गया है। उन्होंने कहा कि इससे सात घंटे की बचत हो रही है। यह ईंधन और समय दोनों की बचत है और इसी कारण हम टोल शुल्क लेते हैं। गडकरी ने कहा कि सभी सेवाएं मुफ्त में उपलब्ध नहीं कराई जा सकतीं।
    उन्होंने कहा कि अगर आपको अच्छी सेवाएं चाहिए तो उसके लिए भुगतान करना होगा। हम सभी सेवाएं मुफ्त नहीं दे सकते। उन्होंने बताया कि टोल से मिलने वाली राशि का इस्तेमाल पूर्वाेत्तर राज्यों में पांच लाख करोड़ रुपये की लागत से सड़क निर्माण में किया जा रहा है, जहां सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े क्षेत्रों में टोल से आय नहीं मिलती। उन्होंने कहा कि मेघालय, त्रिपुरा, असम और नगालैंड सहित कई राज्यों में राजमार्ग बनाए जा रहे हैं।
    इसके अलावा जम्मू-कश्मीर में दो लाख करोड़ रुपये की लागत से सुरंगों का निर्माण किया जा रहा है। राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने गडकरी से अनुरोध किया कि टोल प्लाजा पर पूर्व सांसदों को भी मुफ्त पास की सुविधा दी जाए।
    उन्होंने कहा कहा कि माननीय मंत्री, मेरी ओर से एक छोटा अनुरोध है। मैं पूर्व सांसद रह चुका हूं। टोल गेट पर पूर्व सांसदों को भी मुफ्त पास दिया जाना चाहिए, क्योंकि रेलवे में उन्हें यह सुविधा दी जाती है। गडकरी ने सभापति को आश्वासन दिया कि उनका मंत्रालय इस पर विचार करेगा और इसकी जानकारी सदन को देगा।

    Desh Gadkari emphasized the need to provide proper training on traffic rules to drivers. New Delhi Nitin Gadkari Political tazza khabar tazza khabar in hindi
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