सारी दुनिया में लोकतंत्र की दुहाई देते हुए एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाने के साथ ही अल्पसंख्यकों पर अत्याचार होने की बात सामने आती है खबरों के अनुसार लेकिन आखिर बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं के द्वारा भगवान राम की प्रतिमा के निर्माण पर ढाका में लगाई गई रोक आखिर क्यों। दुनियाभर के नेताओं ने बहुसंख्यकों की भावनाओं से हो रहे खिलवाड़ के विरूद्ध ऐसा करने वालों की आलोचना क्यों नहीं की जा रही जबकि निष्पक्ष और स्वतंत्र विचारधारा की लेखिका तस्लीमा नसरीन ने यह मुददा उठाया और कहा कि देश में इतनी मस्जिद है तो एक प्रतिमा के निर्माण का विरोध क्यों। इस बारे में एक खबर के अनुसार बांग्लादेश के अधिकारियों ने भगवान राम की दुनिया की सबसे बड़ी प्रतिमा के निर्माण को निलंबित करने का आदेश दिया है। यह प्रतिमा गाइबांधा जिले के पलाशबाडी उपजिला में स्थित श्री श्री राधा गोविंदा और काली मंदिर में लगाई जा रही थी। यह जानकारी स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार है।
बांग्लादेशी मीडिया के अनुसार, मंदिर के सलाहकार श्याममल कुमार महंत ने गत गुरुवार शाम मंदिर सभागार में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह घोषणा की। इस फैसले से तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। आलोचकों का आरोप है कि परियोजना का विरोध करने वाले इस्लामी समूहों के दबाव में इसे निलंबित किया गया है।
मूर्ति के निर्माण का इतना विरोध क्यों
निर्वासित बांग्लादेशी लेखिका और मानवाधिकार कार्यकर्ता तस्लीमा नसरीन ने राम मंदिर के निर्माण के इर्द-गिर्द हो रही धमकियों, उकसावे और शत्रुतापूर्ण बयानबाजी की कड़ी निंदा की। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस देश में कई लाख मस्जिदें मौजूद हैं और जिनका निर्माण जारी है। वहां एक अकेले हिंदू पूजा स्थल को क्यों निशाना बनाया जा रहा है।
नसरीन ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, श्बांग्लादेश में कई लाख मस्जिदें हैं और पूरे देश में नई मस्जिदें बनती जा रही हैं। तो फिर एक राम मंदिर या भगवान राम की मूर्ति के निर्माण का इतना विरोध क्यों हो रहा है? अगर धार्मिक स्वतंत्रता सचमुच सबके लिए है, तो यह अल्पसंख्यकों पर भी समान रूप से लागू होनी चाहिए, न कि केवल बहुसंख्यकों पर।
लेखिका तस्लीमा नसरीन ने क्या कहा?
उन्होंने आगे कहा श्पालाशबाड़ी, गाइबांधा में निर्माणाधीन राम मंदिर के खिलाफ मिल रही धमकियां, उकसावे और नफरत भरी बयानबाजी बेहद चिंताजनक है। किसी भी व्यक्ति या समूह को सिर्फ इसलिए किसी दूसरे समुदाय के पूजा स्थल को गिराने का अधिकार नहीं मिल जाता क्योंकि उन्हें वह पसंद नहीं है। कानून के शासन वाले राज्य में धार्मिक मतभेदों का समाधान हिंसा या बर्बरता से नहीं किया जा सकता।
अस्तित्व का संकट क्यों बताया जा रहा
नसरीन ने इस बात पर जोर दिया कि पलाशबारी में हिंदू मंदिरों पर हमलों और मूर्तियों को तोड़ने के इतिहास को देखते हुए स्थिति विशेष रूप से चिंताजनक है, जिससे हिंदी भाषी अल्पसंख्यक समुदाय असुरक्षित महसूस करता है। नसरीन ने सवाल उठाया श्दुनिया भर के कई मुस्लिम बहुल देशों में – जिनमें इंडोनेशिया, संयुक्त अरब अमीरात, मलेशिया और ओमान शामिल हैं। बड़े-बड़े हिंदू मंदिर हैं। इन देशों में मंदिरों का अस्तित्व राज्य के लिए खतरा नहीं माना जाता। तो फिर बांग्लादेश में एक मंदिर के निर्माण को कुछ मुसलमानों के अस्तित्व का संकट क्यों बताया जा रहा है?
इसी बीच, बांग्लादेशी समाचार पत्र ब्लिट्ज के संपादक सलाहुद्दीन शोएब चौधरी ने भी इस्लामी चरमपंथी समूहों के दबाव के बीच मंदिर निर्माण के रुकने पर गंभीर चिंता व्यक्त की। चौधरी ने एक्स पोस्ट में लिखा,्य बांग्लादेश के गाइबांधा जिले में चल रहे सनातन परिसर के अधिकारियों ने स्थानीय जिहादी और इस्लामी समूहों के व्यापक विरोध के बीच सभी गतिविधियों को निलंबित करने और भगवान राम की मूर्ति का निर्माण रोकने की घोषणा की है।
मामले की गंभीरता और बहुंसख्यकों की धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए लोकतंत्र की बात करने वाले देशों और नेताओं को इस मुददे पर अपना विरोध जताना चाहिए। संयुक्त राष्ट्र संघ भी इस बारे में कार्रवाई करे। भारत के विदेश मंत्रालय को इस मामले का संज्ञान लेकर अपना विरोध जताकर भगवान राम की प्रतिमा पर लगी रोक हटवाकर निर्माण शुरु कराना चाहिए। यह मुददा धार्मिक है और हम अपने देश में सभी वर्गों की धार्मिक भावनाओं का आदर करते हुए धर्म के अनुसार काम करने की छूट देते रहे हैं। वैसे भी भारत में सर्वधर्म सदभाव की भावना हर व्यक्ति में है। हम सभी का सम्मान भी करते हैं।
(प्रस्तुतिः- रवि कुमार बिश्नोई संपादक दैनिक केसर खुशबू टाइम्स मेरठ)
Trending
- तेल के सौदागरों से दोस्ती फिर भी हंगामा, पाकिस्तान में 15 अगस्त से बंद हो सकते हैं पेट्रोल पंप
- लिसाड़ीगेट में मकान की छत गिरने से महिला की मौत, बेटी और नातिन की हालत गंभीर; बारिश बनी कारण
- उत्तराखंड: प्रदेश में एक माह में मात्र एक फीसदी मदरसों ने ली मान्यता, प्राधिकरण को सौंपी गई जांच रिपोर्ट
- चेन्नई एयरपोर्ट पर फुल इमरजेंसी: कोलकाता से आ रहे इंडिगो विमान के इंजन में खराबी, बाल-बाल बचे 224 यात्री
- बिहार में 17 अगस्त से जमीन-फ्लैट की रजिस्ट्री होगी पेपरलेस, डीड से स्टांप तक पूरा काम ऑनलाइन
- हिमाचल के सोलन में NH-205 पर भूस्खलन, कार पर गिरी चट्टान; एक की मौत और दो घायल
- 10-20 के प्लास्टिक नोट के ट्रायल को मंजूरी, जानिए कितने छपेंगे नए नोट
- होटल-रेस्तरां वालों के लिए नई एडवाइजरी, एक गलती और बंद हो जाएगी दुकान, जानिए नए निर्देश
