नई दिल्ली 10 जनवरी। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने गत दिवस भारतीय विदेश नीति को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। खरगे ने चीनी कंपनियों पर लगे प्रतिबंध को हटाने और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री देश को झुकने नहीं देने का दावा करते हैं, पर इसका बिल्कुल उल्टा हो रहा है।
खरगे ने एक्स पोस्ट कर कहा कि चीनी कंपनियों पर पांच वर्षों से लगा प्रतिबंध हटाया जा रहा है। सरकार की तरफ से चीनी कंपनियों के लिए लाल कालीन बिछाई जा रही है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने रहा कि गलवान में भारतीय वीर सैनिकों ने जो आहुति दी, उनके बलिदान का अपमान सरकार ने चीन को क्लीनचिट थमाकर किया था। अब वह दिखा रहे हैं कि उनकी लाल आंख में चीनी लाल रंग कितना गहरा है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने विदेश नीति को लेकर पीएम मोदी पर निशाना साधा है। कांग्रेस अध्यक्ष ने चीनी कंपनियों पर बैन हटाने वाली खबर और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बयानों को लेकर पीएम मोदी पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी देश को झुकने नहीं देने का दावा करते हैं लेकिन जो हो रहा है वो बिल्कुल उसका उल्टा है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि 5 साल से लगा चीनी कंपनियों पर बैन हटाया जा रहा है। गलवान में भारतीय वीर सैनिकों ने जो आहुति दी, उनके बलिदान का अपमान तो मोदी जी चीन को क्लीन चिट थमाकर किया था। अब चीनी कंपनियों के लिए ‘लाल कार्पेट’ बिछाकर, वो ये दिखा रहे हैं कि उनकी ‘लाल आँख’ में चीनी ‘लाल रंग’ कितना गहरा है।
खड़गे ने मोदी सरकार के विदेश नीति पर सवाल उठाते हुए आगे कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप रोज़ाना भारत द्वारा रूसी तेल निर्यात पर टिप्पणी कर रहें हैं। पर मोदी जी चुप हैं। अपनी नज़रें चुरा रहे हैं। “सर” वाली बात ‘सरेंडर’ ज्यादा दिखती है।
उन्होंने अपने पोस्ट के अंत में लिखा कि हमारे लिए विदेश नीति मतलब, राष्ट्र हित सर्वाेपरि होना ज़रूरी है। पर मोदी सरकार ने हमारी तटस्थ और रणनीतिक स्वायत्तता की विदेश नीति को गहरी चोट पहुंचाई है। मोदी सरकार की विदेश नीति एक जंगली पेंडुलम की तरह कभी इधर, कभी उधर झुलती है और इसका नुक़सान भारत की जनता को हो रहा है।
इससे पहले कांग्रेस ने भी चीनी कंपनियों से बैन हटाने वाली खबर को लेकर एक पोस्ट किया था। कांग्रेस ने एक खबर का हवाला देते हुए दावा किया कि मोदी सरकार अब चीनी कंपनियों पर लगे पांच साल पुराने प्रतिबंधों को हटाने का प्रस्ताव रख रही है, ताकि वे भारतीय सरकारी ठेकों के लिए बोली लगा सकें। विपक्षी दल ने यह भी दावा किया कि यह कदम चीनी आक्रामकता के सामने एक ‘सोची-समझी आत्मसमर्पण नीति’ से कम नहीं है।
कांग्रेस ने यह भी मांग की कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी संसद के आगामी बजट सत्र के दौरान चीन नीति पर अपनी सरकार के अचानक लिए गए इस ‘यू-टर्न’ के बारे में स्पष्टीकरण दें।
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