आगरा 19 फरवरी। शोरूम ने डिलीवरी के दौरान दुल्हन के ढाई लाख के लहंगे का रंग बदल दिया। दुल्हन के स्वजन ने शिकायत की तो शोरूम संचालक ने लहंगे को वापस मंगाने के बाद रकम भी नहीं लौटाई मामला जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग प्रथम में पहुंचा। डेढ़ साल बाद आयोग के अध्यक्ष सर्वेश कुमार एवं सदस्य राजीव सिंह ने लहंगे का मूल्य ढाई लाख रुपये छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज समेत दिलाने के साथ क्षतिपूर्ति व वाद व्यय के रूप में विपक्षी से 15 हजार रुपये भी दिलाने के आदेश दिए।
रितुल जैन ने अधिवक्ता सूरज कुमार के माध्यम से जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग प्रथम में छह अगस्त 2024 को दायर बाद में अनुश्री जैन प्रोपराइटर तुभ्यम साड़ी शोरूम कोलकाता के अलावा तीन कुरियर कंपनी को पक्षकार बनाया था। रितुल जैन के अनुसार, उनकी पुत्री की एक मार्च 2024 को होने वाली शादी के लिए अनुश्री जैन के शोरूम से मूव मनीष का पिंक पर्पल रंग का ढाई लाख रुपये का लहंगा, सवा लाख की काली साड़ी, लाल रंग का दो लाख का लहंगा अग्रिम भुगतान करके क्रय किया।
विपक्षी की और से पांच जनवरी 2024 तक डिलीवरी करने का वादा किया, लेकिन डिलीवरी 31 जनवरी 2024 को की गई। पार्सल खोलने पर पता चला कि पिंक रंग के लहंगे की जगह शैंपेन गोल्डन ब्राउन रंग का लहंगा भेज दिया। जब उन्होंने अनुश्री जैन से मोबाइल पर बात करने पर उन्होंने कहा कि लहंगा वापस भिजवा दें। वे पर्पल रंग का लहंगा भेज देंगी। आठ फरवरी 2024 उन्होंने कुरियर के माध्यम से लहंगा वापस भेज दिया, जो 12 फरवरी को डिलीवर हो गया। इसके बाद शोरूम की और से न तो लहंगा भेजा और न ही पैसे वापस किए। बेटी की शादी के लिए उन्हें दिल्ली से दो लहंगे खरीदने पड़े। आयोग के अध्यक्ष सर्वेश कुमार एवं सदस्य राजीव सिंह ने प्रोपराइट तुभ्यम साड़ी शोरूम की संचालिका अनुश्री को आदेश पारित करने की तिथि से 45 दिन के अंदर लहंगे की कीमत और उस पर मुकदमा दायर करने की तिथि से छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज समेत अदा करने के आदेश दिए।

