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    Home»देश»दुष्कर्म मामले में लड़की की पहचान उजागर किए जाने पर सुप्रीम कोर्ट ने की निंदा
    देश

    दुष्कर्म मामले में लड़की की पहचान उजागर किए जाने पर सुप्रीम कोर्ट ने की निंदा

    adminBy adminMarch 30, 2026No Comments3 Views
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    नई दिल्ली, 30 मार्च (हि)। सुप्रीम कोर्ट ने दुष्कर्म मामले में एक लड़की की पहचान उजागर किए जाने की ‘कड़ी भर्त्सना’ की है। शीर्ष अदालत ने सभी उच्च न्यायालयों को निर्देश दिया कि वे सुनिश्चित करें कि अदालती आदेशों में पीड़िताओं और उनके परिवार के सदस्यों के नाम का उल्लेख न हो।
    न्यायमूर्ति संजय करोल और न्यायमूर्ति एन. कोटिस्वर सिंह की पीठ ने इस फैसले का पालन न होने के पीछे अदालतों की सामान्य उदासीनता और संभवतः ऐसे अपराधों से जुड़े गहरे सामाजिक कलंक के प्रति जागरूकता की कमी को जिम्मेदार ठहराया।
    शीर्ष अदालत ने कहा कि विधायिका ने 1983 में आईपीसी में एक प्रावधान जोड़ा था, जिसका उद्देश्य धारा 376 के तहत अपराध की पीड़िता की पहचान सुरक्षित रखना था। इसने कहा कि यह संशोधन मुख्य रूप से उस गंभीर समस्या से निपटने के लिए किया गया था, जो यौन अपराध के मामलों के निपटारे के तरीके से स्पष्ट रूप से सामने आई थी, खासकर पीड़िता की पहचान का सार्वजनिक खुलासा करने जैसी समस्या। इसलिए पीठ ने निर्देश दिया कि इस फैसले की एक प्रति सभी उच्च न्यायालयों के रजिस्ट्रार जनरल को भेजी जाए। शीर्ष अदालत ने 2018 में ‘निपुण सक्सेना’ मामले में अपने फैसले में कहा था कि कोई भी व्यक्ति प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, सोशल मीडिया आदि में पीड़िता का नाम प्रकाशित या प्रसारित नहीं कर सकता जिससे पीड़िता की पहचान सामने आए।

    Desh New Delhi Supreme Court Condemns Revelation of Victim's Identity in Rape Case supreme-court tazza khabar tazza khabar in hindi
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