देशभर में कोविड महामारी में लगे लॉकडाउन के चलते कोविड से उत्पन्न समस्याओं को ध्यान में रखते हुए लगाए गए अघोषित कर्फ्यू के दौरान लोगों पर केस दर्ज किए गए थे और कुछ को जेल भी भेजा गया था। कई मामलों में पुलिस की निरकुश कार्रवाई भी चर्चाओं में रही थी। बताते हैं कि अकेले यूपी में ही साढ़े तीन लाख लोगों पर लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन करने के मामले दर्ज किए गए थे। आम नागरिकों पर दर्ज मुकदमे तो पूर्व में ही वापस लिए जो चुके हैं। लेकिन अभी तक सांसद विधायकों एमएलसी पर जो केस दर्ज हुए थे वो यूपी में वापस नहीं हुए थे। अब उच्च स्तर पर प्रक्रिया पूरी कर दर्ज मुकदमे वापस होने पर काम चल रहा है। मेरा मानना है कि लॉकडाउन एक ऐसी त्रासदी थी जिसने आम आदमी को मानसिक और आर्थिक रूप से तोड़कर रख दिया था और ऐसी स्थिति हो गई थी कि इस बीमारी से पीड़ित व्यक्ति को देखने से अपने भी दूर हो गए थे। अब जनप्रिितिनधियों को भी राहत दी जा रही है। मुझे लगता है कि अगर देशभर में कहीं भी इस बिंदु को लेकर किसी पर भी कोई केस चल रहा है तो मानवीय दृष्टिकोण से उसे वापस लिया जाना चाहिए। और जो लोग उस दौरान पुलिस की ज्यादती या अन्य कारणों से पीड़ित होकर जान गंवा बैठे उनके परिवारों को खोजकर आर्थिक सहायता देने के साथ ही परिवार में कोई कमाने वाला नहीं है तो उन्हें रोजगार देकर उनकी समस्या का समाधान किया जाए। क्योंकि कितने ही लोग अभी तक उस दौर की मानसिक प्रताड़ना से उबर नहीं पाए हैं। ऐसा कई बार नागरिकों से सुनने को मिलता रहता है।
(प्रस्तुतिः- रवि कुमार बिश्नोई संपादक दैनिक केसर खुशबू टाइम्स मेरठ)
Trending
- मोहाली में आतंकी मॉड्यूल के दो अपराधी गिरफ्तार, आईईडी बरामद
- पीएम मोदी 10 जून को सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने का बनाएंगे रिकार्ड
- कुवैत एयरपोर्ट पर ईरानी हमले में भारतीय की मौत, 63 लोग घायल, कई गंभीर
- मानव तस्करी गिरोह का पर्दाफाश, छह महिलाएं समेत 12 गिरफ्तार, वाहन व नकली नोट बरामद
- सम्राट हैवन्स की नीलामी में मेरठ को एक और मौका
- गैंगस्टर अतीक अहमद की अरबों की संपत्ति कुर्क
- बच्चे के आम तोड़ने पर आगबबूला हुए ठेकेदार ने उसके चाचा की अंगुलियां चबा डालीं, मासूम को थप्पड़ भी मारे
- काजल चौधरी और चंद्री देवी जैसा सास-बहू में प्यार हो जाए तो देश में रामराज आते देर नहीं लगेगी
