हमीरपुर, 29 मई (ता)। हमीरपुर में बेतवा नदी पर बन रहे निर्माणाधीन पुल का स्लैब गत देर रात 2 बजे गिर गया। हादसे में 6 मजदूरों की मौत हो गई। स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (एसडीआरएफ) ने मलबे में फंसे 3 मजदूरों को निकाला। साढ़े 7 घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चला। उत्तर प्रदेश ब्रिज कॉरपोरेशन के एमडी धर्मवीर सिंह ने कहा कि आंधी-बारिश के कारण स्लैब गिरा और नीचे सो रहे मजदूर दब गए। हादसे के बाद सहायक अभियंता गजेंद्र कुमार चौधरी को निलंबित कर दिया गया है। डीपीएम दिलीप कुमार पर विभागीय कार्रवाई शुरू की जा रही है।
मौसम विभाग के अनुसार, हमीरपुर में देर रात 70-80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चली थी। हादसा शहर से 25 किमी. दूर ललपुरा इलाके में हुआ। मृतकों में 4 बांदा और 2 हमीरपुर के रहने वाले थे। एसडीआरएफ के अधिकारियों ने कहा कि रात ढाई बजे से शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा हो चुका है।
उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम पुल का निर्माण करवा रहा है। इसकी लागत 90 करोड़ रुपए है। 700 मीटर लंबा दो लेन का ब्रिज मोराकांड से कुरारा गांव के बीच बनाया जा रहा है। इसका निर्माण मार्च 2024 में शुरू हुआ था। दिसंबर 2026 तक इसे पूरा किया जाना है।
हादसे के जान गंवाने वाले गंगाचरण (26) पुत्र शोभरन सिंह निवासी भूरागढ़ दो भाइयों में बड़े थे। परिवार में उनके छोटे भाई राजीव (20) हैं। परिजनों के मुताबिक, गंगाचरण ने कक्षा 8 तक पढ़ाई की थी। वह करीब दो महीने पहले घर लौट आए थे, लेकिन परसों ठेकेदार का फोन आने पर दोबारा काम के लिए बांदा से हमीरपुर चले गए थे।
परिजनों ने कहा कि उन्हें सूचना मिली थी कि तेज तूफान के दौरान निर्माणाधीन पुल का हिस्सा गिर गया, जिसमें उनका भतीजा पप्पू भी दब गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद परिवार के सदस्य सुन यादव, मनोज यादव और पंकज यादव मौके के लिए रवाना हुए। मृतक की उम्र करीब 26 वर्ष बताई जा रही है।
मृतक सभाजीत यादव के चाचा राम बाबू ने कहा कि सभाजीत करीब सात-आठ दिन पहले काम करने के लिए हमीरपुर गया था। इससे पहले भी वह वहां काम कर चुका था। गर्मी अधिक होने के कारण दिन में काम बंद कर दिया गया था और ठेकेदार की ओर से रात में ओवरटाइम कराकर निर्माण कार्य कराया जा रहा था। रात में ही मजदूर काम करते थे।
राम बाबू के अनुसार, काम के दौरान अचानक तेज तूफान आ गया। इसी दौरान निर्माणाधीन ढांचा गिर गया और कई मजदूर उसकी चपेट में आ गए। राम बाबू ने कहा कि गांव के तीन लोग वहां काम कर रहे थे। इनमें से एक व्यक्ति किसी तरह बच गया। उसी ने फोन कर जानकारी दी कि सभाजीत मलबे में दब गया है।
Trending
- कांवड़ यात्रा : 11 अगस्त तक भारी वाहनों का प्रवेश रहेगा बंद, ईस्टर्न पेरिफेरल होकर निकलेंगे वाहन
- कोर्ट का आदेश लेकर पहुंची महिला, ससुरालियों ने नहीं दी एंट्री
- हाईकोर्ट ने बरखा जाटव को सभासद की कुर्सी पर बहाल किया
- 12 अगस्त तक जिले के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द
- आज से सोहराब गेट डिपो से चलेंगी भैंसाली और मेरठ डिपो की बसें, 11 दिन बंद रहेंगी इलेक्ट्रिक सिटी बसें
- किसानों से आधी जमीन खरीदी, दीपावली तक नई टाउनशिप विकसित करने का लक्ष्य
- मेरठ वाले डेढ़ साल में पी गए करोड़ों की शराब
- ‘वंदे मातरम्’ के अपमान पर कितने साल की सजा? राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद बनेगा कानून

