Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • भारत ने 2028-29 UNSC अस्थायी सदस्यता के लिए दावेदारी की पेश, जयशंकर ने दिया शांति का मंत्र
    • US-ईरान युद्ध : मार्च 2026 से अब तक खाड़ी इलाके में 13 भारतीयों की मौत, 3 लापता
    • ‘तुम्बाड 2’ में आलिया भट्ट के आने से फिल्म को लेकर एक्साइटमेंट और बढ़ गई
    • महंगाई व आम जनता के दर्द पर कब बोलेंगे पीएम मोदी : जयराम रमेश
    • बिना मुकदमे हिरासत में रखने संबंधी बंगाल में बने कानून इमरजेंसी की याद दिलाता है
    • 24 जुलाई को होने वाले राज्यसभा उपचुनाव भाजपा के 3 उम्मीदवारों ने भरा पर्चा
    • उमर अब्दुल्ला को भाजपा ने भेजा मानहानि का नोटिस
    • राहुल गांधी ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार पर साधा निशाना
    Facebook Instagram X (Twitter) YouTube
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Demo
    • न्यूज़
    • लेटेस्ट
    • देश
    • मौसम
    • स्पोर्ट्स
    • सेहत
    • टेक्नोलॉजी
    • एंटरटेनमेंट
    • ऑटो
    • चुनाव
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Home»देश»हिन्दुओं के हों दो से तीन बच्चे हरिद्वार से उठी संतो की आवाज
    देश

    हिन्दुओं के हों दो से तीन बच्चे हरिद्वार से उठी संतो की आवाज

    adminBy adminJune 22, 2026No Comments2 Views
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn WhatsApp Reddit Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    देहरादून, 22 जून (ता)। विश्व हिंदू परिषद की सबसे बड़ी चिंता हिंदुओं की जनसंख्या को लेकर है। विहिप ने संकल्प लिया है कि संगठन हिंदुओं को जगाने का अभियान चलाएगा। हिंदू समाज में अब एक बच्चे का चलन छोड़कर दो से तीन बच्चे होने चाहिए। विश्व हिंदू परिषद ने इस विषय को अपनी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल किया है।
    हरिद्वार में विश्व हिन्दू परिषद की केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल की बैठक में इस पर संत समाज ने निर्णय लिया है। अखिल भारतीय संत समिति के राष्ट्रीय महासचिव दंडी स्वामी जितेंद्रानन्द सरस्वती ने हिंदुओं में घटती प्रजनन दर और जनसांख्यिकीय बदलावों पर चिंता जताई। कहा कि विहिप का चिंतन केवल मंदिर, तीर्थ और धार्मिक प्रतीकों तक सीमित नहीं। वह समाज की संरचना, परिवार की अवधारणा और भविष्य के भारत की जनसंख्या तस्वीर तक अपना विस्तार कर रहा है।
    राम मंदिर आंदोलन के बाद हिंदुत्व की राजनीति के सामने स्वाभाविक प्रश्न था कि आगे का मार्ग क्या होगा। ऐसे में विहिप ने तय किया कि अब समाज की मूल इकाइयों को पुनर्परिभाषित करने की जरूरत है। परिवार, विवाह, जनसंख्या व सांस्कृतिक एकता को नए विमर्श का केंद्र बनाया जाएगा। संत समाज ने कहा कि हिंदुओं की कई जाति-वर्गों में प्रजनन दर 1.5 प्रतिशत से नीचे जा चुकी है। यह चिंता का विषय है। इसके सामाजिक दुष्प्रभाव पर भी मंथन किया गया। संतों ने चर्च और मिशनरी गतिविधियों को लेकर भी चिंता जताई। सीमावर्ती राज्यों, विशेषकर पश्चिम बंगाल जैसे क्षेत्रों में धार्मिक-सांस्कृतिक गतिविधियां बढ़ाने की बात भी की गई।

    Dehradoon Desh Religion Saints in Haridwar call for Hindus to have two to three children. tazza khabar tazza khabar in hindi Uttrakhand
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram Email
    admin

    Related Posts

    भारत ने 2028-29 UNSC अस्थायी सदस्यता के लिए दावेदारी की पेश, जयशंकर ने दिया शांति का मंत्र

    July 14, 2026

    US-ईरान युद्ध : मार्च 2026 से अब तक खाड़ी इलाके में 13 भारतीयों की मौत, 3 लापता

    July 14, 2026

    ‘तुम्बाड 2’ में आलिया भट्ट के आने से फिल्म को लेकर एक्साइटमेंट और बढ़ गई

    July 14, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    © 2026 Tazza khabar. All Rights Reserved.
    • Our Staff
    • Advertise

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.