Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • विशाखापट्टनम में गूगल के मेगा एआई डेटा सेंटर का शिलान्यास
    • 25 लाख टन गेहूं निर्यात को हरी झंडी
    • हर धार्मिक संस्था के लिए नियम जरूरी
    • मंदिरों-गुरुद्वारों को अमेरिका में खतरों से बचाने की तैयारी
    • भाजपा ब्राह्मण विरोधी पार्टी : माता प्रसाद पाड़े
    • फर्जी अल्ट्रासॉउन्ड सेंटर पर छापेमारी, संचालक गिरफ्तार
    • सोमनाथ हमारी अविरल सनातन संस्कृति का केंद्र
    • सीबीआई संयुक्त निदेशक और रिटायर्ड पुलिस अधिकारी को 3-3 माह की सजा
    Facebook Instagram X (Twitter) YouTube
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Demo
    • न्यूज़
    • लेटेस्ट
    • देश
    • मौसम
    • स्पोर्ट्स
    • सेहत
    • टेक्नोलॉजी
    • एंटरटेनमेंट
    • ऑटो
    • चुनाव
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Home»देश»भरण-पोषण राशि न देने पर जेल भेजे गए पति की रिहाई
    देश

    भरण-पोषण राशि न देने पर जेल भेजे गए पति की रिहाई

    adminBy adminApril 4, 2026No Comments5 Views
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn WhatsApp Reddit Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    प्रयागराज, 04 अप्रैल। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भरण-पोषण राशि न देने के मामले में 22 महीने की सजा काट रहे व्यक्ति की तत्काल रिहाई का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि इस तरह लंबी अवधि के लिए सिविल जेल में रखना कानून के अनुरूप नहीं है। न्यायमूर्ति प्रवीण कुमार गिरि ने यह राहत देते हुए कहा कि चूंकि व्यक्ति सिविल कारावास में है, इसलिए उसकी रिहाई के लिए जमानत बांड या जमानतदार की आवश्यकता नहीं है।

    मामले में पति (ताहिर उर्फ बबलू) को झांसी के फैमिली कोर्ट ने पत्नी को 22 महीने तक भरण-पोषण राशि न देने पर जेल भेज दिया था। वह 3 दिसंबर 2025 से जेल में बंद था। पत्नी ने करीब 2.64 लाख रुपये की बकाया राशि की वसूली के लिए आवेदन दिया था। फैमिली कोर्ट ने यह मानते हुए कि हर महीने के लिए अलग आवेदन जरूरी नहीं है, एक ही आवेदन पर 22 महीने की सजा सुना दी थी।

    हाईकोर्ट में दायर याचिका में दलील दी गई कि दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 125(3) के अनुसार, भरण-पोषण न देने पर अधिकतम एक महीने की सजा ही दी जा सकती है। अदालत ने इस तर्क पर विचार करते हुए नोटिस जारी किया और जेल प्रशासन को आदेश भेजकर पति को तुरंत रिहा करने के निर्देश दिए। हाईकोर्ट ने यह भी संकेत दिया कि बकाया राशि की वसूली के लिए संपत्ति कुर्क करने जैसे वैकल्पिक उपाय अपनाए जा सकते हैं, न कि लंबे समय तक कारावास। मामले की अगली सुनवाई 18 मई को होगी।

    Allahabad High Court tazza khabar tazza khabar in hindi uttar-pradesh news
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram Email
    admin

    Related Posts

    विशाखापट्टनम में गूगल के मेगा एआई डेटा सेंटर का शिलान्यास

    April 29, 2026

    25 लाख टन गेहूं निर्यात को हरी झंडी

    April 29, 2026

    हर धार्मिक संस्था के लिए नियम जरूरी

    April 29, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    © 2026 Tazza khabar. All Rights Reserved.
    • Our Staff
    • Advertise

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.