मथुरा, 22 जून (ता)। मथुरा के गोवर्धन में जतीपुरा स्थित गिरिराजजी मुखारविंद मंदिर की वित्तीय व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए गए हैं। सेवायत परिवार से जुड़े अंकित कौशिक ने मंदिर में कथित वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। अंकित कौशिक के अनुसार, वर्ष 2015 से मंदिर में रिसीवर व्यवस्था लागू है, लेकिन आय-व्यय का स्पष्ट विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है। उन्होंने दावा किया कि मंदिर के खातों में लगभग 70 करोड़ रुपये होने चाहिए थे, जबकि वर्तमान में करीब 30 करोड़ रुपये ही दर्शाए जा रहे हैं। इस आधार पर, कौशिक ने लगभग 40 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता की आशंका जताई है। उन्होंने इस मामले में निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की है।
कौशिक ने यह भी कहा कि सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत मंदिर की आय, व्यय और विभिन्न कार्यों से संबंधित जानकारी मांगी गई थी, लेकिन उन्हें संतोषजनक उत्तर नहीं मिला। उन्होंने परिक्रमा मार्ग पर मिट्टी डालने के कार्यों में भी अनियमितताओं का आरोप लगाया है। अंकित कौशिक ने सवाल उठाया कि परिक्रमा मार्ग के नाम पर कितनी राशि खर्च की गई, मिट्टी मंदिर क्षेत्र से बाहर क्यों डलवाई गई और संबंधित कार्य का ठेका किस संस्था या व्यक्ति को दिया गया। वहीं, मंदिर के रिसीवर एवं तहसीलदार ब्रजेश कुमार ने इन सभी आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर में मिट्टी डलवाने सहित सभी विकास और प्रबंधन संबंधी कार्य निर्धारित नियमों एवं प्रक्रियाओं के अनुरूप ही कराए गए हैं। ब्रजेश कुमार ने स्पष्ट किया कि मंदिर प्रशासन पूरी पारदर्शिता के साथ कार्य कर रहा है और लगाए गए आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं हैं।
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