रामपुर, 13 अप्रैल (जा)। नकली नोट छापने वाले गिरोह का कनेक्शन एटा और मेरठ से निकला। एटा का पैथोलाजी लैब संचालक राजवर्धन मेरठ में किराए के घर में जाली नोट छापने का धंधा चला रहा था। इस मामले में गंज पुलिस और एसओजी की टीम ने एटा निवासी राजवर्धन और उसके दोस्त चिराग सक्सेना को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 4.88 लाख रुपये के नकली नोट व नोट छापने के उपकरण मिले हैं। सीओ सिटी जितेंद्र कुमार के नेतृत्व में टीम ने नकली नोटों की सप्लाई करने वाले जिला एटा के कोतवाली देहात मंदाकिनी पुरम कालोनी कासगंज रोड निवासी चिराग सक्सेना को गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने जाली नोट छापने वाले राजवर्धन सिंह चौहान उर्फ आशू को मेरठ से पकड़ लिया। उसके कमरे से टीम को जाली नोट छापने के उपकरण भी मिले हैं। पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीना ने गत दिवस घटना राजफाश किया। कहा कि राजवर्धन और चिराग दोस्त हैं। नोट छापने का धंधा राजवर्धन मेरठ में चला रहा था। उसने पूछताछ में कहा कि वह एटा के थाना कोतवाली द्वारिकापुरी आगरा रोड का रहने वाला है। एटा में पैथोलाजी लैब भी चलाता है। उसने कहा कि मेरठ से जाली नोट छापने से संबंधित पुराने उपकरण खरीदे। नोट के लिए नामी ब्रांड का कागज गाजियाबाद से खरीदा। यह काम अपने जिले से दूर करने का प्लान बनाया और मेरठ आ गया। यहां क्रिस ग्रीन कालोनी में 11 हजार रुपये प्रतिमाह किराये पर फ्लैट लिया और पूरा सेटअप लगाकर जाली नोट छापने लगा। अपने बचपन के दोस्त चिराग सक्सेना को भी लालच देकर इसमें शामिल कर लिया।
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