अयोध्या, 18 फरवरी। राम मंदिर निर्माण समिति की समीक्षा बैठक गत दिवस शुरू हुई। निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने बैठक से पहले हुई बातचीत में बताया कि मंदिर निर्माण की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 19 मार्च को अयोध्या आ रही हैं। वह लगभग चार घंटे तक राम मंदिर परिसर में रहेंगी। इस दौरान राष्ट्रपति करीब 400 श्रमिकों को सम्मानित भी करेंगी। उन्होंने बताया कि आगामी रामनवमी पर रामलला के ललाट पर एक बार फिर सूर्य की किरणों से सूर्य तिलक किया जाएगा। इसके लिए सीबीआरआई रुड़की और एक अन्य कंपनी तकनीकी कार्य कर रही है। इस संबंध में संबंधित कंपनी से 10 वर्ष का अनुबंध किया जा रहा है, ताकि सूर्य तिलक की प्रक्रिया नियमित रूप से संचालित होती रहे।
नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि राम मंदिर परिसर में हुतात्मा स्मारक का निर्माण कार्य जारी है। साथ ही जिस अस्थायी मंदिर में रामलला विराजमान थे, उसे भी स्मारक के रूप में विकसित किया जा रहा है। संभावना है कि 31 अप्रैल तक यह कार्य पूरा हो जाएगा। संग्रहालय में 20 गैलरी तैयार की जा रही हैं।
उन्होंने बताया कि इनमें एक अत्याधुनिक हनुमान गैलरी भी होगी, जहां सेवन डी तकनीक के माध्यम से श्रद्धालुओं को राम प्रसंग दिखाया जाएगा। इस गैलरी में सीमित संख्या में श्रद्धालु बैठ सकेंगे और 12 मिनट की प्रस्तुति के जरिए दिव्य अनुभव प्राप्त करेंगे। भरोसा दिलाया कि राम मंदिर परिसर में चल रहे सभी कार्य सितंबर के अंत तक पूरे हो जाएंगे।
राष्ट्रपति के प्रस्तावित दौरे को देखते हुए जिला प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने भी तैयारियां तेज कर दी हैं। गत दिवस एसपी सुरक्षा बलरामाचारी दुबे के नेतृत्व में एटीएस व अन्य सुरक्षा एजेंसियों की टीमों ने मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों का सूक्ष्म निरीक्षण कर विस्तृत सुरक्षा ब्लू प्रिंट तैयार कर लिया है। दौरे के दौरान अति-संवेदनशील रेड जोन अभेद सुरक्षा कवच में रहेगा।
विशेष रूप से राम जन्मभूमि मंदिर परिसर को लेकर बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाएगी। प्रवेश मार्गों, छतों, आसपास की इमारतों और प्रमुख चौराहों का भौतिक सत्यापन किया गया है। सीसीटीवी कवरेज की समीक्षा के साथ अतिरिक्त कैमरों की स्थापना, ड्रोन निगरानी और एंटी-सबोटाज जांच की रूपरेखा भी तय की गई है। एसपी सुरक्षा के अनुसार रेड जोन में आम आवाजाही पर कड़ी निगरानी रहेगी। केवल पास धारकों और सत्यापित व्यक्तियों को ही प्रवेश की अनुमति होगी। सुरक्षा के तीन घेरों आंतरिक, मध्य और बाहरी में केंद्रीय व राज्य सुरक्षा बलों की तैनाती की योजना बनाई गई है। बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वॉड और खुफिया इकाइयों को भी सक्रिय कर दिया गया है।
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