मेरठ, 02 जुलाई (प्र) समस्त पंजाबी दल मेरठ महानगर की बैठक गत बुधवार को आर्य समाज थापर नगर में आयोजित की गई। अध्यक्षता सरदार राजेंद्र सिंह ने की। उन्होंने कहा कि सभी पंजाबी संगठनों को एकजुट होकर समाज के हितों के लिए कार्य करना चाहिए। इससे राजनीतिक दल भी पंजाबी समाज की अनदेखी नहीं कर सकेंगे और उसकी ताकत को पहचान पाएंगे। उन्होंने कहा कि पंजाबी समाज अब एकजुट होगा।
बैठक में संयुक्त व्यापार संघ के महामंत्री एवं पंजाबी समाज के नेता सरदार दलजीत सिंह ने कहा कि वर्ष 2006 में जब किशन लाल आनंद अध्यक्ष थे, तब नगर निकाय चुनाव में पंजाबी समाज को पार्षद के लिए 11 टिकट मिले थे। इनमें से 10 प्रत्याशी विजयी हुए थे। उन्होंने कहा कि आज स्थिति यह है कि पंजाबी समाज के हिस्से में केवल दो पार्षदों के टिकट रह गए हैं। यह समाज के घटते राजनीतिक प्रतिनिधित्व का संकेत है। उन्होंने समाज से एकजुट होकर अपनी ताकत का परिचय देने का आह्वान किया। इंद्रजीत कथूरिया ने कहा कि हाल ही में घोषित भाजपा की कार्यकारिणी में एक भी पंजाबी नेता को स्थान नहीं दिया गया। गाजियाबाद, हापुड़, मेरठ, बुलंदशहर, सहारनपुर, कानपुर, लखनऊ, पीलीभीत, बिजनौर, बरेली और मुरादाबाद जैसे कई जिलों में पंजाबी समाज की बड़ी आबादी है। पूर्व सीएमओ डॉ. प्रवीण चोपड़ा ने कहा कि पंजाबी समाज जो ठान लेता है उसे पूरा करके दिखाता है। अब सामूहिक शक्ति दर्शाने की जरूरत है।
सदर व्यापार संघ से जुड़े विजय ओबेरॉय ने कहा कि संगठन का निर्माणाधीन कार्यालय समाज की एकता का प्रतीक बनेगा। रोडवेज व्यापार संघ के अध्यक्ष अमनप्रीत सिंह ने कहा कि मेरठ महानगर में लगभग डेढ़ लाख पंजाबी निवास करते हैं। राजनीतिक और संगठनात्मक स्तर पर उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि कम से कम एक महामंत्री और एक उपाध्यक्ष का पद पंजाबी समाज को मिलना चाहिए। आशीष ने कहा कि संगठन को मजबूत बनाने के लिए कार्यालय, कार्यकारिणी, कार्यकर्ता और कार्यक्रम इन चार प्रमुख स्तंभों पर प्रभावी ढंग से कार्य करना होगा। बैठक में निशांत परुथी, राकेश पाहवा, विक्की चावला, गुलशन सचदेवा, सनी चोपड़ा, तिलक नारंग, अजय शेट्टी, डॉ. प्रवीण चोपड़ा, अमनप्रीत सिंह, भावेश मेहता, प्रवीण सरीन और भूपेंद्र पाल आदि मौजूद रहे।

