आगरा 12 मार्च। पुलिस का अजब-गजब खेल सामने आया है. 13 साल पुराने जमीन विवाद मामले में कुर्की से बचाने के लिए जिंदा आरोपी को मृत दिखाने में पुलिसकर्मी फंस गए हैं. अब कोर्ट के आदेश पर दो पुलिसकर्मियों सहित 6 लोगों पर केस दर्ज कर लिया गया है.
डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर न्यू आगरा थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू कर दी है. इसमें कोर्ट में जीवित होने के सबूत के साथ ही अन्य संबंधित साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं.
डीसीपी सिटी ने बताया कि जिन पुलिसकर्मियों ने कोर्ट में मृत्यु प्रमाणपत्र लगाया था. उनके भी बयान दर्ज किए जाएंगे. इस मामले में पुलिसकर्मियों की भूमिका के आधार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
वादी राजकुमार वर्मा ने बताया कि 5 नवंबर 2025 को मैं किसी काम से गांधी नगर गया था. वहां देखा कि आरोपी ताराचंद स्कूटी पर घूमते मिले. जबकि कोर्ट में उन्हें मृत घोषित किया जा चुका था.
राजकुमार वर्मा ने बताया कि उन्होंने मृत बताए गए व्यक्ति ताराचंद का स्कूटी चलाते हुए फोटो खींच लिया. इसके बाद न्यायालय में प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया गया. इस पर स्कूटी नंबर से पता चला कि यह स्कूटी ताराचंद ने 2016 में अपने नाम से खरीदी थी.
वादी के प्रार्थनापत्र पर कोर्ट ने न्यू आगरा थाना पुलिस से रिपोर्ट मांगी. कोर्ट के आदेश पर न्यू आगरा थाना पुलिस ने 13 जनवरी 2026 को ताराचंद के जीवित होने की रिपोर्ट न्यायालय में पेश की.
इस पर कोर्ट ने न्यू आगरा थाना पुलिस को कार्रवाई के आदेश दिए हैं. पुलिस ने तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक, न्यायालय भेजने वाले पुलिसकर्मी, आरोपी ताराचंद और उसके बेटे समेत 6 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है.
सिकंदरा थाना क्षेत्र स्थित रूबी टॉवर निवासी राजकुमार वर्मा ने फरवरी महीने में न्यायालय को अवगत कराया कि मेरे पिता मदन गोपाल ने 21 अप्रैल 1999 को गांधी नगर निवासी विद्या देवी, ताराचंद और अन्य पर वाद दर्ज कराया था.
इस पर न्यायालय ने 2011 में आरोपी ताराचंद के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया. इसके बाद फिर कुर्की की कार्रवाई के आदेश दिए. इसके चलते ताराचंद ने अपने बेटे गिरीश चंद, नगला पदी निवासी घनश्याम दास उर्फ राजू टंडन और राजकुमार वर्मा उर्फ टीटू के साथ मिलकर एक साजिश रची.
इस साजिश में न्यू आगरा थाना के तत्कालीन थाना प्रभारी और थाने के मुंशी भी शामिल थे. पुलिस की मिलीभगत से आरोपियों ने 2013 में आरोपी ताराचंद का फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र कोर्ट में पेश कर दिया.

