देहरादून 24 मार्च। दिल्ली देहरादून ग्रीनफील्ड हाईवे का प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अप्रैल में उद्घाटन कर सकते हैं। इसके लिए प्रधानमंत्री अप्रैल के प्रथम सप्ताह अथवा बैसाखी (13 अप्रैल) या फिर 22 अप्रैल को केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के अवसर पर उत्तराखंड आ सकते हैं। राज्य सरकार की ओर से इस सिलसिले में प्रधानमंत्री कार्यालय से समय मांगा गया है।
हालांकि अभी तिथि तय होनी बाकी है। एनएचएआइ के अधिकारियों ने सोमवार को जिले में 74 किमी हाईवे पर कई स्थानों पर सुरक्षा मानकों को परखा। हाईवे पर 12 किमी लंबा एशिया का सबसे बड़ा वाइल्डलाइफ कारिडोर बनाया गया है।
जिले में ग्रीन फील्ड हाईवे का बड़गांव इंटरचेज के अलावा कई स्थानों पर बागपत में एनएचएआइ के परियोजना निदेशक नरेन्द्र सिंह ने टीम के साथ निरीक्षण किया। कई स्थानों पर अधिकारियों से हाईवे के बारे में जानकारी लेने के साथ ही आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
11,970 करोड़ रुपये की लागत वाले इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने पर देहरादून से दिल्ली तक का सफर ढाई घंटे में पूरा हो सकेगा। तीन राज्यों उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश व दिल्ली को जोड़ने वाला 211 किलोमीटर लंबा दिल्ली देहरादून ग्रीनफील्ड हाईवे में 12 किलोमीटर हिस्सा एलिवेटेड है।
धामी सरकार के चार साल पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 21 से 24 मार्च के बीच उत्तराखंड में प्रधानमंत्री मोदी का कार्यक्रम मांगा गया था, लेकिन प्रधानमंत्री की व्यस्तता के चलते यह संभव नहीं हो पाया। इस बीच सात मार्च को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और 22 मार्च को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह उत्तराखंड आए थे।
उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार अब दिल्ली देहरादून ग्रीनफील्ड हाईवेके उद्घाटन के लिए प्रधानमंत्री से समय मांगा गया है। इस सिलसिले में प्रधानमंत्री अप्रैल के प्रथम सप्ताह या फिर 13 अप्रैल को बैसाखी पर देहरादून आ सकते हैं। यह विकल्प भी रखा गया है कि प्रधानमंत्री 22 अप्रैल को केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के अवसर पर वहां आ सकते हैं और वहीं से इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन कर सकते हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय से आधिकारिक कार्यक्रम का इंतजार किया जा रहा है।
सूत्रों का कहना है कि प्रधानमंत्री द्वारा बिहारीगढ़ के नजदीक गणेशपुर पर हाईवे का उद्घाटन किया जाएगा। इसके लिए उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के उच्च अधिकारियों के साथ एनएचएआइ की बैठक में उद्घघाटन की कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया जाएगा।

