मुंबई, 28 जुलाई (ता)। बॉम्बे हाईकोर्ट ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को उनके खिलाफ अपलोड किए गए मानहानिकारक डीपफेक और एआई से तैयार किए गए पोस्ट को लेकर मेटा, एक्स, गूगल समेत अन्य के खिलाफ दीवानी मुकदमा दायर करने की गत दिवस अनुमति दे दी। गडकरी ने अपने वाद में दावा किया है कि एथेनॉल मिश्रित ईंधन के मुद्दे को लेकर इंटरनेट पर कई फर्जी, एआई-जनित और मानहानिकारक सामग्री उपलब्ध हैं। अज्ञात लोगों ने ऐसी पोस्ट और डीपफेक सामग्री साझा किए।
केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बॉम्बे हाईकोर्ट में दायर एक याचिका में कहा कि पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने में उनका कोई रोल नहीं है। ये दोनों प्रोजेक्ट पूरी तरह से केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के हैं।
दरअसल मेटा प्लेटफॉर्म्स, एक्स और गूगल पर एथेनॉल मामले में गडकरी के कई सारे एआई-जनरेटेड डीपफेक वीडियो वायरल हो रहे हैं। गडकरी ने याचिका में कहा है कि इन वीडियो में उन्हें एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल (ईबीपी) प्रोग्राम और ई20 पहल से गलत तरीके से जोड़ा गया है।
बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को डिजिटल कंटेंट के खिलाफ कार्रवाई की अनुमति दे दी है। अब गडकरी मेटा प्लेटफॉर्म्स, एक्स और गूगल कंपनी के खिलाफ सिविल सुट दायर कर सकते हैं।
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