सरकार द्वारा पासपोर्ट को लेकर बीते दिनों दिए गए एक बयान को लेकर अब इस पर नागरिकों की प्रतिक्रिया सामने आने लगी है। इस बारे में कांग्रेस नेता पूर्व विदेश राज्यमंत्री शशि थरुर का कहना है कि केंद्र सरकार पासपोर्ट और आधार कार्ड को भारतीय नागरिकता का मान्य और पक्का साक्ष्य बनाना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि सरकार को कानूनी ढांचे में बदलाव करना चाहिए। एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि अभी आधार कार्ड राष्ट्रीयता के बजाय १८२ दिनों तक स्थायी रुप से रहने पर जारी होता है। इससे निवासी और गैर निवासी दोनों आधार कार्ड बना सकते हैँ। इसलिए दोनों के आधार कार्ड भी एक समान होते हैं। मुझे लगता है कि पिछले कई सालों से तमाम कार्यों में आधार कार्ड की निवास में प्रामणिकता की मान्यता मिलती रही है। वैसे भी एलआईयू और पुलिस जांच के बाद पासपोर्ट जारी होते हैँ। ऐसा ही हर प्रकार के प्रमाणपत्र जारी होने में लगभग किया जाता है। कहीं अगर कोई गलती या धोखा रहता है तो सभी नागरिको को दोषी नहीं माना जा सकता। इसके लिए जांच करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो लेकिन पासपोर्ट को लेकर बने नए नियम पर पुनविचार हो और इसे नागरिकता का सबूत बनाए रखने में ही आम आदमी की परेशानियों का निदान हो सकता है।
(प्रस्तुतिः- रवि कुमार बिश्नोई संपादक दैनिक केसर खुशबू टाइम्स मेरठ)
Trending
- समलैंगिक संबंधों के बारे में सरकार ले निर्णय लंबित मामलों का हो निस्तारण
- पासपोर्ट को माना जाए नागरिकता का सबूत
- वाजपेयी जी डीजे संचालकों से पहले आम नागरिकों की परेशानियों को ध्यान में रखा जाए
- पशुओं का इंजेक्शन सात साल के बच्चे को लगाने से गई जान
- अवैध रूप से पिलाई जा रही थी स्नूकर क्लब में शराब
- कायाकल्प होगा पांच प्रमुख चौराहों का
- बेरोकटोक चल रहे बेसमेंट में नर्सिंग होम
- शिक्षक नेता एमएलसी श्रीचंद का एमएम कॉलेज में हुआ भ्रमण
