नैनीताल, 28 अप्रैल (ता)। हाई कोर्ट ने पर्यटन सीजन में राज्य के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मसूरी में शहर की विभिन्न सड़कों पर अवैध तरीके से वाहन पार्क करने से लगने वाले जाम से निजात दिलाए जाने को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह ने याचिका निस्तारित करते हुए मुख्य सचिव की दो सप्ताह के भीतर सचिव शहरी विकास, सचिव पर्यटन और सचिव गृह की उच्चस्तरीय कमेटी गठित करने के आदेश दिए हैं। कमेटी की अध्यक्षता वरिष्ठ सचिव करेंगे। कमेटी आठ सप्ताह के भीतर जाम से निजात दिलाए जाने के संबंध में कार्य करेगी। समाधान मिलने के बाद जन सुनवाई करने के लिए विज्ञापन जारी करेगी। जन सुनवाई में याचिकाकर्ता के साथ-साथ मसूरी, के चिकित्सक, शिक्षक, होटल एसोसिएशन के सदस्य, कैब के सदस्य, छात्र, स्थानीय निवासी व आम लोगों की बैठक बुलाएगी। बैठक में जो निर्णय लिया जाएगा उसे राज्य सरकार को भेजेगी और राज्य सरकार उस पर एक्शन लेगी। मसूरी निवासी प्रवेश पंत ने जनहित याचिका दायर कर कहा है कि मसूरी में घूमने के लिए देश-विदेश से पर्यटक घूमने आते है। यातायात जाम की स्थिति को देखकर मसूरी की पहचान धूमिल हो रही है। साथ ही स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को जाम का सामना करना पड़ता है। जाम लगने से मरीजों को ले जाने वाली एंबुलेंस, विद्यार्थियों, नौकरीपेशा वाले लोगों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। वह समय पर गंतव्य तक नहीं पहुंच पा रहे हैं जबकि यहां पर लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय अकादमी और आइटीबीपी स्थित है। जनहित याचिका में यह भी कहा गया कि मसूरी की मल्टी स्टोरी पार्किंग तो खाली पड़ी ही है लेकिन वाहन सड़कों के किनारे पार्क किए जाते हैं।
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