कांगड़ा, 05 मई (ता)। हिमाचल प्रदेश को देवभूमि कहा जाता है। यहां सैकड़ों छोटे और बड़े मंदिर हैं। इन सभी मंदिरों का अपना अपना इतिहास और मान्यता है, जिसको लेकर श्रद्धालुओं की आस्था बनी हुई है। तो चलिए आज हम आपको हिमाचल के एक ऐसे मंदिर के बारे में बताते जो अपने आप में किसी चमतकार से कम नहीं। जी हां, हम बात कर रहे हैं मोके नड माता मंदिर रानीताल की, जो जिला कांगड़ा में स्थित है। यहां मंदिर में एक मोके यानि मस्सों वाला एक पत्थर है। मंदिर को लेकर मान्यता है कि इस मौके वाले पत्थर पर नमक चढ़ाने से मोके यानी मस्सों से छुटकारा मिल जाता है।
मान्यता है कि यहां पत्थर पर नमक चढ़ाने के बाद धूप जलाकर पूजा की जाती है और पत्थर की परिक्रमा की जाती है। साथ ही शरीर पर हुए अनचाहे मोकों से छुटकारा पाने के लिए मन्नत मांगी जाती है। कई श्रद्धालुओं ने मंदिर में आकर मन्नत मांगी और अपने शरीर पर हुए इन अनचाहे मस्सों से छुटकारा पाया है।
कहा जाता है कि मन्नत पूरी होने के बाद फिर से मंदिर आना होता है। बता दें कि यह मंदिर शिमला-मटौर फोरनेल मार्ग पर रानीताल में स्थित है। मंदिर की सड़क से करीब 15 से 20 मीटर दूरी पर है। मंदिर में रोजाना भारी संख्या में श्रद्धालु आते हैं और यहां नमक चढ़ाकर अपने शरीर पर हुए अनचाहे मस्सों से मुक्ति के लिए मन्नत मांगते हैं।
स्थानीय लोग बताते हैं कि मस्सों से पीड़ित लोग दूर-दूर से इस पत्थर के पास आते और मन्नत मांगते हैं। जिनकी मन्नत पूरी हो जाती है, वे यहां आकर प्रसाद के रूप में नमक चढ़ाते हैं। यह परंपरा काफी प्राचीन है और आज भी कायम है।
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