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    Home»देश»नूरजहां बनी पूनम, हिंदू धर्म अपनाकर धर्मपाल से की शादी
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    नूरजहां बनी पूनम, हिंदू धर्म अपनाकर धर्मपाल से की शादी

    adminBy adminDecember 6, 2025No Comments8 Views
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    बरेली 06 दिसंबर। लखीमपुर खीरी की रहने वाली 24 साल नूरजहां अब नया जीवन शुरू कर चुकी हैं. तीन तलाक और हलाला जैसी प्रथाओं से दुखी होकर उन्होंने इस्लाम धर्म त्याग दिया है. उन्होंने बरेली के युवक धर्मपाल को अपने जीवनसाथी चुना के रूप में चुना है. विधि-विधान के साथ उन्होंने धर्म अपनाया है. नूरजहां अब पूनम बन गई हैं. पूनम का कहना है कि अब वह सम्मानपूर्वक जीवन जीना चाहती है.

    नूरजहां करीब पांच साल पहले नौकरी के लिए दिल्ली गई थीं. वहां मुंडेरा इलाके में एक खिलौना फैक्ट्री में काम करती थीं. उसी फैक्ट्री में बरेली के धर्मपाल भी नौकरी करते थे. दोनों एक ही कंपनी में बच्चों की छोटी कारें और दूसरे प्लास्टिक खिलौने बनाते थे. धीरे-धीरे बातचीत बढ़ी और दोनों की दोस्ती गहरी होती चली गई. फैक्ट्री के पास ही किराए के कमरों में रहते हुए वे एक-दूसरे को और बेहतर समझने लगे. इसी दौरान नूरजहां के जीवन में कई मुश्किलें थीं, जिनके बारे में धर्मपाल को भी पता चला.

    उनकी दोस्ती प्यार में बदल गई.करीब पांच साल से जान-पहचान होने के बाद दोनों ने लगभग 7-8 महीने तक दिल्ली में लिव-इन रिलेशनशिप में रहकर एक-दूसरे को परखा. नूरजहां का कहना है कि उन पर किसी तरह का दबाव नहीं था. उन्होंने अपनी मर्जी से यह रिश्ता आगे बढ़ाने का फैसला किया. नूरजहां ने बताया कि तीन बार तलाक, हलाला और कुछ दूसरी प्रथाओं की वजह से वह मानसिक रूप से बहुत परेशान थीं.

    हलफनामा बनवाते समय भी उन्होंने साफ लिखा कि इस्लाम की कुछ परंपराएं उन्हें उचित नहीं लगतीं, इसलिए वे अपना धर्म बदलना चाहती हैं. तीन बार तलाक कहना आसान है, लेकिन इसकी वजह से लड़की की जिंदगी पर बड़ा असर पड़ता है. इसके बाद हलाला जैसी परंपरा का दबाव भी बनाया जाता है. मुझे यह सब मंजूर नहीं था. नूरजहां ने बताया कि वे पिछले कई सालों से भगवान राम में आस्था रखती थीं. मंदिर जाती थीं और पूजा भी करती थीं, लेकिन उनके परिवार को यह बिल्कुल पसंद नहीं था.

    घर के लोग कई बार उन्हें डांटते थे और ऐसा करने से रोकते थे. धीरे-धीरे नूरजहां ने तय कर लिया कि वे वही जीवन अपनाएंगी, जिसमें उन्हें सम्मान और अपनी इच्छानुसार जीने की आजादी मिले. बरेली पहुंचकर नूरजहां से अधिकारियों ने पूरी जांच करके बयान लिया. उन्होंने अपना पूरा परिचय देते हुए कहा कि वे लखीमपुर खीरी की रहने वाली हैं, छह भाई-बहनों में सबसे छोटी हैं और आठवीं तक पढ़ाई की है.

    शुक्रवार को बरेली में पंडित के.के. शंखधार ने धार्मिक विधि-विधान के साथ घर वापसी की रस्म पूरी कराई. शुद्धिकरण के लिए गंगाजल और गौमूत्र का प्रयोग किया गया. गायत्री मंत्र के उच्चारण के बाद नूरजहां को नया नाम पूनम दिया गया. धर्म परिवर्तन के बाद पूनम और धर्मपाल ने हिंदू रीति-रिवाजों से शादी कर ली है.

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