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    Home»न्यूज़»बिना करण बताये किसी की गिरफ्तारी नहीं होगी : हाईकोर्ट
    न्यूज़

    बिना करण बताये किसी की गिरफ्तारी नहीं होगी : हाईकोर्ट

    adminBy adminMay 8, 2026No Comments5 Views
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    लखनऊ, 08 मई (ता)। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई हुई। इस दौरान राज्य सरकार ने न्यायालय को आश्वासन दिया कि प्रदेश में किसी भी व्यक्ति को गिरफ्तारी का कारण और आधार बताए बिना गिरफ्तार नहीं किया जाएगा। सरकार ने यह भी कहा कि सभी गिरफ्तारियां भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) के प्रावधानों के तहत की जाएंगी। इस आश्वासन के बाद न्यायालय ने याचिका स्वीकार करते हुए याची को तत्काल रिहा करने का आदेश दिया।
    यह आदेश न्यायमूर्ति अब्दुल मोईन और न्यायमूर्ति प्रमोद कुमार श्रीवास्तव की खंडपीठ ने बलरामपुर निवासी संतोष गुप्ता की ओर से उनके पुत्र द्वारा दाखिल बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर दिया। संतोष गुप्ता को बलरामपुर जिले के कोतवाली नगर थाने में धोखाधड़ी और कूटरचना के आरोपों से संबंधित एक एफआईआर में आरोपी बनाया गया था।
    याची की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता पुरेंदू चक्रवर्ती और अधिवक्ता अतुल कृष्णा ने न्यायालय को बताया कि गिरफ्तारी गलत तरीके से की गई थी। अभियुक्त को गिरफ्तार करते समय यह नहीं कहा गया था कि उसे किस आधार पर गिरफ्तार किया जा रहा है। उन्होंने तर्क दिया कि यह सर्वोच्च न्यायालय द्वारा मिहिर राजेश शाह मामले में दिए गए दिशानिर्देशों का उल्लंघन है।
    बहस के बाद न्यायालय ने याची की गिरफ्तारी को अवैध घोषित कर दिया। साथ ही, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, बलरामपुर द्वारा पारित रिमांड आदेश को भी निरस्त कर दिया गया। राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता विनोद कुमार शाही ने न्यायालय को आश्वस्त किया कि भविष्य में प्रदेश में कोई भी गिरफ्तारी बिना कारण और आधार बताए न हो, इसके लिए पूर्ण प्रयास किए जाएंगे।

    Court Order lucknow No one shall be arrested without being informed of the grounds: High Court tazza khabar tazza khabar in hindi Uttar Pradesh
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