नई दिल्ली, 23 अप्रैल (ता)। नेपाल के गृह मंत्री सुदन गुरुंग ने गत दिवस अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपी और कारोबारी दीपक भट्ट से संबंध का आरोप है। इसके अलावा निवेश और वित्तीय लेनदेन को लेकर भी सवाल उठे हैं। नेपाल के अखबार कांतिपुर की रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने निष्पक्ष जांच और हितों के टकराव से बचने के लिए पद छोड़ने की बात कही।
गुरुंग ने फेसबुक पोस्ट में लिखा कि मैंने अपने खिलाफ उठे सवालों को गंभीरता से लिया है। मेरे लिए नैतिकता किसी भी पद से बड़ी है और जनता का भरोसा सबसे बड़ी ताकत है।’ यह नेपाल की नई सरकार में एक महीने के भीतर दूसरा मामला है, जब किसी मंत्री को पद छोड़ना पड़ा है। इससे पहले 9 अप्रैल को श्रम, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा मंत्री दीपक कुमार साह को अनुशासनहीनता के आरोप में हटाया गया था। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार गुरुंग के कारोबारी दीपक भट्ट से संबंधों को लेकर विवाद हुआ। दीपक भट्ट को मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया है और मामले की जांच जारी है।
भट्ट की गिरफ्तारी के बाद गुरुंग की वित्तीय गतिविधियों, निवेश और शेयर को लेकर सवाल उठने लगे थे। मीडिया में उनके कथित संबंध और असामान्य ट्रांजैक्शन पर लगातार रिपोर्ट्स आईं। कांतिपुर को मिले बैंक रिकॉर्ड के अनुसार, गुरुंग के निजी खाते, उनकी संस्था ‘हामी नेपाल’ और कंपनियों के बीच बड़े पैमाने पर लेनदेन हुए। इनमें कई ट्रांजैक्शन ऐसे हैं, जिनका सोर्स और उद्देश्य साफ नहीं हैं। रिकॉर्ड बताते हैं कि ‘हामी नेपाल’ के खाते हिमालयन बैंक और नबिल बैंक में थे। फरवरी 2025 में हिमालयन बैंक का खाता बंद किया गया, जिसमें 53.4 लाख रुपए थे। इसमें से 30.9 लाख रुपये नबिल बैंक में ट्रांसफर किए गए। नबिल बैंक खाते में जुलाई 2021 से अगस्त 2025 के बीच 2.28 करोड़ रुपये जमा हुए। इनमें 2015 में मनीता देवकोटा नाम के व्यक्ति ने 4.40 लाख रुपये ट्रांसफर किए, जिनकी पहचान सार्वजनिक नहीं है।
रिकॉर्ड के अनुसार, 2021 में गुरुंग के निजी खाते में करीब 60 लाख रुपये आए, जो कोविड सहायता के तौर पर जुटाए गए थे। इनमें से 25.9 लाख रुपये बाद में संस्था के खाते में ट्रांसफर किए गए। इससे यह सवाल उठता है कि सहायता राशि पहले निजी खाते में क्यों आई।
इसके अलावा अलग-अलग लोगों ने उनके खाते में बड़ी रकम जमा की। 9 मई 2023 को चांग अग्रवाल और विजय कुमार श्रेष्ठ ने 22.5 लाख और 37.5 लाख रुपए जमा किए। अगले दिन 10 मई को गुरुंग ने 25-25 लाख रुपये लिबर्टी माइक्रो लाइफ इंश्योरेंस और स्टार माइक्रो इंश्योरेंस में ट्रांसफर किए। रिकॉर्ड के अनुसार, उनके पास इन दोनों कंपनियों में 25-25 हजार शेयर हैं। हालांकि गुरुंग का कहना है कि उन्होंने ये शेयर लोन लेकर खरीदे, लेकिन जमा करने वालों और लोन देने वाले के बीच संबंध साफ नहीं है।
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