80 के दशक से देखा कि राज्यसभा सदस्य और भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी पार्टी में सामान्य नेता रहे हो या पदाधिकारी जो भी हो उन्होंने जो सोच लिया वो कराकर छोड़ा चाहे सरकार किसी की भी रही हो। इसके जीते जागते उदाहरण के रूप में बागपत व रेलवे रोड लिंक मार्ग को देखा जा सकता है इसका शुभारंभ डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी के अनुसार रक्षामंत्री राजनाथ सिंह द्वारा किया जाएगा। अन्य मुददे भी चाहे हवाई अडडे का रहा हो या अन्य जनहित का कोई काम वो हमेशा जिसे लेकर एक बार चलते हैं तो उसमें लगे ही रहते हैं और उनके प्रयास सफल भी हो जाते हैं।
बीते रविवार को उनके द्वारा मोहनपुरी आवास पर मीडियाकर्मियों से बात करते हुए बताया कि मॉल रोड के निकट करीब 60 हजार वर्ग मीटर जमीन पर जहां पहले अनाधिकृत रूप से कूडा डाला जा रहा था वहां अब क्रांति पार्क और रक्षा गैलरी का निर्माण होगा। कैंट बोर्ड ने जमीन को खाली करा लिया है। वह सेना की जमीन बी श्रेणी की है जिसे सी श्रेणी का प्रस्ताव रक्षा मंत्रालय भेजा है। वहां से अनुमति मिलते ही प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी के अनुसार क्रांति पार्क में युवाओं बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों का मन लगा रहे ऐसे इंतजाम किए जाएंगे और अंतरराष्ट्रीय स्तर की व्यायाम शाला होगी।
डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी जी आपने प्रयास शुरू किए हैं तो सफलता भी मिलेगी लेकिन यह क्या गारंटी है कि बनने और शुभारंभ होने के बाद क्रांति पार्क भी जनता के लिए खुला रहेगा। ऐसा इसलिए कह रहा हूं कि पूर्व में काली पलटन मंदिर और १२ नंबर हॉस्पिटल के बीच सुंदर पार्क का निर्माण हुआ। वहां लोग घूमने और मनोरंजन के लिए जाते थे लेकिन एक दिन वहां आम लोगों का प्रवेश बंद हो गया। इसी प्रकार माल रोड से एक रास्ता कंकरखेड़ा और दूसरा काली पलटन की ओर जाने वाले रास्ते पर मजार के पास सुंदर पार्क का निर्माण एक दशक पूर्व हुआ था। लेकिन कुछ दिनों बाद उसमें भी जनता का आवागमन बंद कर दिया गया और आज तक बंद ही है। आम आदमी वहां प्रवेश नहीं कर सकता। यह दोनों ही पार्क नागरिकों के लिए बनाए गए थे। इसलिए अब आप जो क्रांति पार्क रक्षा गैलरी की बात कर रहे हैं इसे बनने की तो कोई दो राय नहीं है लेकिन यह जनता के लिए खुला रहेगा यह कौन तय करेगा। उसमें ताला नहीं पड़ेगा। डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी जी कैंट में कितने ही रास्ते कई कारणों से बंद कर दिए गए। और कोई इस बारे में ना बात करता है ना अफसरों को जानकारी देता है। आपसे अनुरोध है कि रक्षामंत्री को इस बारे में अवगत कराने के लिए इन पार्कों और बंद रास्तों का अवलोकन कीजिए और अफसरों से चर्चा कर इन्हें खुलवाइये तो ही लगेगा कि क्रांति पार्क और रक्षा गैलरी आम आदमी के लिए खुली रहेगी। जिस उददेश्य को लेकर इसका निर्माण होने जा रहा है वो बना रहेगा।
(प्रस्तुतिः- रवि कुमार बिश्नोई संपादक दैनिक केसर खुशबू टाइम्स मेरठ)
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