सहारनपुर, 05 मार्च (हि)। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के मारे गए सुप्रीम लीडर अयातुल्ला सैय्यद अली खामेनेई के रिप्रेजेंटेटिव से मुलाकात की। डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही से मुलाकात के क्रम में सांसद ने ईरान के सुप्रीम लीडर के मारे जाने पर शोक संवेदना व्यक्त की। मुलाकात के बाद सांसद ने मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ईरान को लेकर सरकार की ओर से एक शब्द नहीं कहा गया। ईरान ने किसी पर हमला नहीं किया। ईरान पर हमला हुआ है। ऐसे में भले ही हम निरपेक्ष दिखें, लेकिन पीड़ित पक्ष के संबंध में एक शब्द नहीं कहना आपको विश्वगुरु कैसे बनाएगा?
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि किसी भी देश के हेड ऑफ़ स्टेट का जाना बहुत बुरा होता है। ईरान के साथ हमारे सदियों पुराने रिश्ते हैं। मैं अली खामेनेई की मौत, इस तरह से उनकी हत्या पर अपनी संवेदनाएं जाहिर करने आया था। मैं भारत में ईरानी सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि से मिला और अपनी संवेदनाएं जाहिर कीं। उन्होंने कहा कि अली खामेनई कहते थे, ईरान और हिंदुस्तान की दोस्ती 3000 साल पुरानी है।
अली खामेनेई से अपनी बातचीत का जिक्र करते हुए इमरान मसूद ने कहा कि उन्होंने पंडित जवाहरलाल नेहरू की किताब डिस्कवरी ऑफ इंडिया चार बार पढ़ी थी। वे कहते थे कि भारत को समझना है तो आप इस किताब को पढ़िए। उन्हें भारत के बारे में दूसरे कई पढ़े-लिखे और काबिल लोगों से ज्यादा जानकारी थी।
इमरान मसूद ने कहा कि अली खामेनेई का गांधी जी और नेहरू से खास रिश्ता रहा। उनका उस आईडियोलॉजी के साथ विशेष रिश्ता रहा। ईरान का हमेशा यह रिश्ता इंसानियत के लिए रहा है। ईरान ने इस दिशा में काम भी किया। मोदी सरकार की ओर से ईरान हमले पर प्रतिक्रिया न आने को लेकर सांसद ने कहा कि यह बात हमें बहुत विचलित कर रही है। ईरान हमारा पारंपरिक मित्र रहा है। इस देश के साथ हमारी व्यापारिक साझेदारी बहुत ज्यादा है। हमारा तेल का लगभग 50 फीसदी आयात इस तरफ से ही होता है और इस रूट से होकर आता है।
कांग्रेस सांसद ने कहा कि आज की स्थिति में जब आप यूएई से बात कर रहे हैं। सऊदी से बात कर रहे हैं। आप इजराइल से भी बात कर रहे हैं तो हिंदुस्तान को न्यूट्रल नजर आना चाहिए। न्यूट्रल रहना हमारी पॉलिसी, हमारी विदेश नीति है। लेकिन, ईरान के लिए दो लफ्ज भी आप नहीं बोलेंगे तो यह बहुत ज्यादा आश्चर्यचकित व हमें दुखी करता है।
सांसद इमरान मसूद ने कहा कि भारत हमेशा इंसानियत के साथ खड़ा रहा है। वैश्विक स्तर पर शांति रहे, यह हमारा प्रयास है। हम लोग शांति के दूत रहे हैं। ऐसी स्थिति में हम शांति के दूत तभी बन पाएंगे, जब हम न्यूट्रल होंगे। न्यूट्रल होकर हम लोग हर पक्ष की बात करेंगे। उन्होंने कहा कि यह जो विश्वगुरु बनने की जो बातें आप करते हैं, यह भी तभी संभव है। आप बड़े भाई की भूमिका में आ सकते थे, जब आप सबकी बात करेंगे। हमने ईरान के बारे में कोई बात ही नहीं की।
इमरान मसूद ने कहा कि ईरान में युद्ध के हालात में तो कम से कम आपका (मोदी सरकार) एक बयान आना चाहिए था। उन्होंने कहा कि यह हमला ईरान ने नहीं किया बल्कि हमला ईरान पर हुआ है। लोग वहां के मारे गए हैं। दादागिरी पूरे विश्व में हो रही है। इस दादागिरी के खिलाफ कोई न कोई तो बोलने का साहस करेगा? ऐसे में आप उसे निशाना बनाएंगे। यह उचित नहीं है।
Trending
- मुख्यमंत्री जी अभी हजारो हेक्टेयर भूमि और कब्जा मुक्त हो सकती है अफसर शिकायतों का कर रहे हैं फर्जी निस्तारण ढूंढने से भी खेती व कृषि की जमीन
- बाईपास पर एक नामी कंपनी के स्टोर की चर्चा, रेडिसन ब्लू संगरीला द ललिता अशोका जैसे होटलों और नामचीन कंपनियों के सेल्स
- कच्ची कॉलोनियां काटकर और अवैध निर्माण करने तथा सरकारी जमीन घेरकर बेचने वालों के खिलाफ देशभर में चलेगा बुल्डोजर सुविधा शुल्क लेने वाले भी बचा नहीं पाएंगे
- पत्रकारों के साथ जो जनप्रतिनिधि करते थे अब युवाओं के साथ कर रहे हैं
- छोटा हसनपुर से सिसौली तक भाजपा ने निकाली तिरंगा यात्रा
- प्रो. उषा सिंह मेजर पद पर हुईं पदोन्नत
- दीपके का ऐलान, जंतर-मंतर पार्ट 2 जल्द
- रक्षाबंधन पर परिवहन निगम छह दिन अतिरिक्त बसों का संचालन करेगा

