मेरठ 22 मई (प्र)। पश्चिम एशिया में संघर्ष का असर ऊर्जा आपूर्ति पर इस कदर पड़ रहा है कि अब एलपीजी कनेक्शनों को कम करने की तैयारी शुरू हो गई है। इस ऊर्जा संकट के चलते पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) व लिक्विड पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) उपभोक्ताओं के लिए नया बदलाव आने जा रहा है। जिन मुहल्ले या कालाेनियों में पीएनजी की लाइन पहुंच चुकी है, वहां पर अब लोगों को एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना पड़ेगा।
इसके लिए तीन महीने की समय सीमा दी जाएगी। इस समय सीमा के अंदर उन लोगों को भी पीएनजी कनेक्शन लेना पड़ेगा जिन्होंने अब तक पीएनजी से दूरी बना रखी थी। यानी अब जिनके घर, मुहल्ले या कालोनी में पीएनजी की आपूर्ति हो रही है वहां एलपीजी सिलिंडर नहीं मिलेगा।
गेल गैस लिमिटेड मेरठ में अभियान शुरू करने जा रहा है। उसने इसके लिए कालोनियों को नोटिस देने की शुरुआत कर दी है। सबसे पहले उन कालोनियों से शुरुआत की जाएगी जहां पर अधिकांश घरों में पीएनजी कनेक्शन लिया जा चुका है। नोटिस देने के बाद जिन घराें में कनेक्शन नहीं है, उन घरों में 10 दिन में कनेक्शन दिया जाएगा।
जब शत-प्रतिशत घरों में पीएनजी कनेक्शन हो जाएगा तब गेल गैस लिमिटेड की ओर से जिलाधिकारी की उपस्थिति में एलपीजी मुक्त मुहल्ला या कालोनी की घोषणा होगी। इस घोषणा का आधिकारिक पत्र पेट्रोलियम कंपनियों को भेजा जाएगा। उसी पत्र के साथ कनेक्शन का विवरण भी दिया जाएगा। गेल द्वारा उपलब्ध कराई सूची के आधार पर पेट्रोलियम कंपनियां एलपीजी कनेक्शनों को निरस्त कर देंगी।
उसके बाद संबंधित कालोनी, मुहल्ले में एलपीजी सिलिंडर नहीं दिया जाएगा। उसकी प्रतिलिपि एलपीजी के जिला कोर्डिनेटर, एलपीजी वितरण केंद्र व जिला पूर्ति अधिकारी के पास भी रहेगी। गेल गैस लिमिटेड मेरठ क्षेत्र के महाप्रबंधक विनय कुमार ने बताया कि नोटिस देने की शुरुआत कर दी है। जल्द ही तीन-चार कालोनियाें को एलपीजी मुक्त घोषित किया जाएगा। यह निर्णय मुख्यालय से मिले निर्देशों के तहत लिया गया है।
1138 उपभोक्ताओं ने बिल नहीं दिया, हटेगा एलपीजी कनेक्शन
शहर के 1138 उपभोक्ताओं ने एक साल से अधिक समय से पीएनजी का बिल नहीं जमा किया है। अब गेल गैस लिमिटेड ने ऐसे उपभोक्ताओं की आपूर्ति बंद कर दी है। ऐसे उपभोक्ता एलपीजी कनेक्शन का भी उपयोग करते हैं, इसलिए गेल गैस लिमिटेड ने एलपीजी के क्षेत्रीय वितरण अधिकारी (कोर्डिनेटर) नोएडा को सूची भेजकर एलपीजी कनेक्शन निरस्त करने को कहा है। ये लोग जब पीएनजी बिल भुगतान कर देंगे तब पीएनजी आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी।
सीएनजी की भारत में स्थिति
सीएनजी व पीएनजी एक ही गैस हैं। भारत में कुल सीएनजी आवश्यकता का लगभग 60 प्रतिशत उत्पादन स्थानीय स्तर पर होता है, इसलिए इसकी आपूर्ति में संकट नहीं आएगा। घर, होटल, कैंटीन व वाहनों को आपूर्ति लगातार होती रहे इसलिए औद्योगिक पीएनजी की आपूर्ति को प्राथमिकता से हटा दिया गया है। उद्योगों को कुल आवश्यकता का सिर्फ 55 प्रतिशत ही उपयोग करने का निर्देश दिया गया है।

