लखनऊ, 12 मार्च (अम)। निगेटिव बैलेंस में कटे कनेक्शन के मामले में बिल जमा करने के दो घंटे में आपूर्ति शुरू नहीं होती है तो पॉवर कॉर्पाेरेशन को प्रतिदिन के हिसाब से 50 रुपये मुआवजा देना होगा। 13 मार्च से इस व्यवस्था को अनिवार्य करने की तैयारी है। विद्युत नियामक आयोग द्वारा बनाए गए यूपीईआरसी स्टैंडर्ड ऑफ परफॉर्मेंस रेगुलेशन 2019 में यह प्रावधान है। दरअसल, स्मार्ट प्रीपेड मीटर वाले विद्युत उपभोक्ता का बैलेंस निगेटिव होते ही कनेक्शन काट दिया जाता है। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि जिन उपभोक्ताओं का कनेक्शन बिल जमा करने के दो घंटे में नहीं जुड़ता है तो वे मुआवजे के हकदार हैं। नियामक आयोग ने उपभोक्ताओं के अधिकार स्पष्ट रूप से निर्धारित हैं और बिजली कंपनियों को उनका पालन करना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि 13 मार्च से स्मार्ट प्रीपेड मोड वाले करीब 70 लाख से अधिक उपभोक्ताओं पर 1400 करोड़ से अधिक का निगेटिव बैलेंस दिखाया जा रहा है।
ऐसे में यदि उपभोक्ता द्वारा बकाया जमा करने के बाद भी तय समय में आपूर्ति बहाल नहीं होती है तो उपभोक्ताओं को मुआवजा दिया जाना चाहिए। वर्मा ने कहा कि बिजली आपूर्ति न होने पर भी मुआवजा देने का नियम है। पॉवर कॉर्पाेरेशन अपने सिस्टम में इस कानून को भी लागू करने की व्यवस्था ऑटोमेटिक तरीके से तुरंत करे।
वर्मा ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि जिनके बैलेंस नेगेटिव में है वे शीघ्र रिचार्ज कर लें। इससे उपभोक्ताओं को परेशानी नहीं होगी। उन्होंने सभी उपभोक्ताओं से समय से बकाए का भुगतान करने की अपील की है।
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