Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Trending
    • झूठे वादों पर सत्ता में आई कांग्रेस को जनता सिखाएगी सबक : पवन काजल
    • रॉयल चौलेंजर्स बंगलुरु प्लेऑफ का टिकट पक्का करने उतरेगी कोलकाता के खिलाफ
    • प्रीपेड से मीटर हुए पोस्टपेड, घर बैठे मिनटों में ऐसे चेक करें अपना हिसाब
    • लग्जरी फीचर्स व शानदार पावर का मेल एसयूवी कारें
    • देवी छिन्नमस्ता की आराधना भगवान परशुराम भी करते थे, कांप उठते थे असुर
    • द्वापरकालीन युग का कंस किला अब बनेगा नया पर्यटन केंद्र, संरक्षित करेगा पुरातत्व विभाग
    • जलभराव और सफाई व्यवस्था से परेशान ग्रामीणों ने कमिश्नर कार्यालय को घेरा
    • संयुक्त बैंक खाते से जारी चेक पर हस्ताक्षर न हों, तो नहीं ठहराया जा सकता दोषी : हाईकोर्ट
    Facebook Instagram X (Twitter) YouTube
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Demo
    • न्यूज़
    • लेटेस्ट
    • देश
    • मौसम
    • स्पोर्ट्स
    • सेहत
    • टेक्नोलॉजी
    • एंटरटेनमेंट
    • ऑटो
    • चुनाव
    tazzakhabar.comtazzakhabar.com
    Home»देश»ऑनलाइन मतदान की व्यवस्था होती है तो
    देश

    ऑनलाइन मतदान की व्यवस्था होती है तो

    adminBy adminJanuary 16, 2026No Comments11 Views
    Facebook Twitter Pinterest LinkedIn WhatsApp Reddit Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email

    चुनाव आयोग द्वारा बीते दिनों सुप्रीम कोर्ट को बताया गया कि वह नागरिकता का निर्धारण मतदाता के पंजीकरण के रूप में ही कर सकता है। जिस पर सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने हल्के फुल्के अंदाज में खबर के अनुसार टिप्पणी करते हुए कहा कि अगले चुनाव तक आनलाइन मतदानन शुरू हो जाए तो हमें हैरानी नहीं होगी। बता दें कि सीजेआई की पीठ के समक्ष आयोग के वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश त्रिवेदी ने कहा था कि आयोग किसी को भी निर्वासित नहीं कर सकता। यह भी तय नहीं कर सकता कि किसी व्यक्ति के पास भारत में रहने का वीजा है या नहीं। उन्होंने याचिकाओं पर अंतिम सुनवाई फिर से शुरू करने की बात करते हुए आयोग की मतदाता सूची के एसआईआर की कवायद को चुनौती दी थी। अधिवक्ता त्रिवेदी ने आयोग के समर्थन में संविधान के अनुच्छेद ३२६ का हवाला दिया। मामला क्योंकि सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है इसलिए इस पर टिप्पणी करना मेरे लिए उचित नहीं है लेकिन यह जरुर कह सकता हूं कि सीजेआई ने जो टिप्पणी हल्के फुल्के अंदाज में की वह अगर साकार रूप ले और देश में ऑनलाइन मतदान होने लगे तो आम आदमी पर बड़ा उपकार होगा क्योंकि आए दिन होने वाले चुनावों पर जो सरकारी मशीनरी लगती है और पैसा लगता है उसकी बचत होगी। जिससे आम आदमी पर जो टैक्स लगने की संभावनाएं बढ़ती है उन पर विराम लगेगा। दूसरे मतदान व मतगणना पर जो जनशक्ति लगाई जाती है वो और कार्यों में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है। जो दबंगई व फर्जी मतदान के मामले सुनने को मिलते हैं उनमें भी कमी आएगी। इसलिए जो भी आनलाइन मतदान की व्यवस्था को साकार रूप दे सकता है उसे जनहित में यह काम करना ही चाहिए।
    (प्रस्तुतिः- रवि कुमार बिश्नोई संपादक दैनिक केसर खुशबू टाइम्स मेरठ)

    sampadkiya tazza khabar tazza khabar in hindi
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Telegram Email
    admin

    Related Posts

    झूठे वादों पर सत्ता में आई कांग्रेस को जनता सिखाएगी सबक : पवन काजल

    May 13, 2026

    रॉयल चौलेंजर्स बंगलुरु प्लेऑफ का टिकट पक्का करने उतरेगी कोलकाता के खिलाफ

    May 13, 2026

    प्रीपेड से मीटर हुए पोस्टपेड, घर बैठे मिनटों में ऐसे चेक करें अपना हिसाब

    May 13, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    © 2026 Tazza khabar. All Rights Reserved.
    • Our Staff
    • Advertise

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.