वाराणसी 11 फरवरी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में हैदराबाद से आए भाई-बहन की एक होटल में लाश मिली है. मृतकों की पहचान गणेश गौड़ (46 वर्ष) और उनकी बहन धनलक्ष्मी (38 वर्ष) के रूप में हुई है. दोनों आठ फरवरी को अपनी बड़ी बहन की अस्थियां लेकर वाराणसी पहुंचे थे. वे कैंट बस स्टेशन के पास स्थित एक होटल के कमरा नंबर 2005 में ठहरे हुए थे.
दस फरवरी को गणेश गौड़ की बड़ी बहन की तेरहवीं थी. उसी दिन सुबह उन्हें होटल से चेक आउट भी करना था. योजना थी कि चेक आउट से पहले गंगा में अस्थि विसर्जन कर विधि-विधान से पूजा-पाठ किया जाएगा. लेकिन निर्धारित समय तक कमरे से कोई हलचल नहीं हुई. दोपहर तक जब न तो वे बाहर निकले और न ही फोन कॉल का जवाब दिया, तो होटल कर्मचारियों को चिंता हुई. कई बार कॉल करने के बाद भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर सिगरा थाना पुलिस को सूचना दी गई.
सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची. पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी कराते हुए कमरे का दरवाजा खोला गया. अंदर का दृश्य चौंकाने वाला था. कमरे में दो सिंगल बेड व्यवस्थित लगे थे, जबकि फर्श पर बिछे बिस्तर पर दोनों के शव पड़े मिले. धनलक्ष्मी के मुंह से झाग निकल रहा था, जिससे जहरीला पदार्थ या अत्यधिक दवाइयों के सेवन की आशंका जताई जा रही है. कमरे की टेबल पर पानी की बोतल, कई तरह की गोलियां और दवाइयों के पत्ते बिखरे मिले.
आधार कार्ड, पैन कार्ड से दोनों की पहचान हैदराबाद निवासी गणेश गौड़ गुनालापल्ली (46) और लक्ष्मी गुनालापल्ली (38) के रूप में हुई। कमरे से आधार कार्ड, पैन कार्ड, लैपटॉप, पासपोर्ट और 6.61 लाख रुपये मिले। मौके पर डीसीपी काशी जोन गौरव बंशवाल, सिगरा थाना प्रभारी ने कार्रवाई कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। फिलहाल परिजनों का इंतजार किया जा रहा है।
पुलिस उपायुक्त गौरव बंशवाल के मुताबिक, पहली नजर में मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है, लेकिन सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है. कमरे में एक कागज पर सॉरी फॉरगिव अस लिखा मिला है. फॉरेंसिक टीम ने कमरे से साक्ष्य एकत्र किए हैं. दोनों के आधार कार्ड पर हैदराबाद का पता दर्ज है और वहां संपर्क कर परिजनों से जानकारी ली जा रही है.

