नैनीताल, 17 मार्च (जा)। उत्तराखंड हाई कोर्ट ने चारधाम यात्रा मार्गों पर अव्यवस्थाओं और तीर्थ स्थलों में घोड़े-खच्चरों के साथ हो रही क्रूरता के मामले सहित अन्य जनहित याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई हुई। कोर्ट ने पशुओं पर हो रहे अत्याचार को कम करने के लिए गढ़वाल कमिश्नर की अध्यक्षता में पशुपालन विभाग, चारधाम क्षेत्र के जिलाधिकारी, संबंधित जिलों के जिला पंचायत के प्रतिनिधियों की कमेटी गठित करने के निर्देश दिए है। अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद होगी। गत दिवस मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज गुप्ता व न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ में पशु प्रेमी गौरी मौलेखी, दिल्ली निवासी अजय गौतम व पर्यावरण प्रेमी नारायण शर्मा की अलग-अलग जनहित याचिकाओं पर सुनवाई की। उत्तराखंड के चारधाम सहित अन्य तीर्थस्थलों में फैली अवस्थाओं व घोड़े-खच्चरों पर हो रहे अत्याचार को लेकर प्रदेश सरकार की ओर से बनाई एसओपी का अनुपालन सही तरीके से नहीं हो पा रहा है।
Trending
- दिल्ली के बेड़े में शामिल हुईं 300 नई इलेक्ट्रिक बसें, गृह मंत्री अमित शाह ने दिखाई हरी झंडी
- आज की बारिश ने कमजोर मानसून की कमी को किया पूरा, मौसम के बदलाव से बढ़ती है मुसीबत
- लकड़ी और कार्ड बोर्ड के होटल नुमा घर पेड़ों पर टांग दिए जाएं तो मधुमक्खियों की भांति पक्षी भी बिना डर के रह सकते हैँ
- पेट्रोल पंपों पर मिले जरुरी सुविधाएं! इथनॉल अगर कच्चे तेल की कमी पूरी करता है तो अच्छा है लेकिन उपभोक्ताओं की शंका का समाधान करने के लिए पारदर्शी व्यवस्था जरुरी है
- पशुओं से होता है रोग भ्रम फैलाने की बजाय किस जानवर से क्या क्या नुकसान हो सकता है यह बताना चाहिए, गोलमोल कथन से तो व्यवस्था ही बिगड़ जाएगी
- अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट केस में गुजरात हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, 38 दोषियों की फांसी की सजा बरकरार
- पहली बारिश के बाद एक्सप्रेस-वे की गुणवत्ता पर उठे सवाल
- ‘शहजाद भट्टी’ गैंग के 2 आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़, 6 गिरफ्तार

