हर व्यक्ति की इच्छा तो चार लोगों के परिवारों में भी कोई पूरी नहीं कर सकता तो सरकार सबकी संतुष्टि कैसे कर सकती है इसे देखते हुए सोचें तो बहुत कुछ कमियां नजर आएंगी लेकिन सकारात्मक दृष्टि से सोचा जाए तो जनहित के काफी काम 2025 में होते नजर आए। इस बात से कोई मुकर नहीं सकता।
वर्ष 2025 आज हमसे विदाई ले रहा है और २६ आने को है। नए साल का स्वागत करने और पुराने साल की विदाई करने की तैयारियां चल रही है। कुछ का कहना है कि इस साल के कुछ जख्म ताउम्र नहीं भूला पाएंगे। कई का कहना है कि उपलब्ध्यिों से भरा रहा साल। विपक्ष के लिए वोट चोरी के बयानों से बनते बिगड़ते रहे हालात तो सत्ताधारी दल से चुनावों में सफलता मिलती रही। पड़ोसी देशों से संबंधों को लेकर उथल पुथल के बावजूद जरूरतमंदों को सुविधाएं उपलब्ध कराने के मामले में कह सकते हैं कि सरकार के प्रयास अच्छे रहे। अपराधों के मामलों में लोगों की चिंता बनी रही। हर क्षेत्र में संघर्ष और उपलब्धि बनी रहे। सरकार अगर अधिकारियों से जिम्मेदारी पूरी कराने में सफल रहती तो २०२५ यादगार साल रह सकता था। थानेदार और पुलिसकर्मियों की ज्यादती रही तो उच्च पुलिस प्रशासनिक अधिकारी जनता की भावनाओं पर सही उतरते नजर आए क्योंकि समस्याओं के समाधान के निर्देश दे रहे थे। नगर निगम आवास विकास विकास प्राधिकरण से काम कराया गया होता तो जाम , प्रदूषण की समस्याओं से नागरिक छुटकारा पा सकते थे। विपक्ष की बात करें तो वो सक्रिय तो खूब रहा लेकिन जनसमस्याओं को उठाने की बजाय वो ऐसे मुददे उठाता रहा जिसका आम आदमी से कोई संबंध नहीं रहता। केंद्र व प्रदेश सरकार भाषाई और लघु समाचार पत्र संचालकों के आर्थिक व मानसिक उत्पीडन का रहा क्योंकि पूर्व में मिलने वाली सहायता समाप्त कर दी गई। डीएवीपी आरएनआई और सूचना विभाग के अफसरों ने उत्पीड़न का कोई मौका नहीं छोड़ा। इसके लिए कौन जिम्मेदार है यह तो सरकार के मुखिया को सोचना है लेकिन इस सबके बावजूद पुराना साल अच्छा रहा। ध्यान व्यवस्था सुधारने पर रहता तो और अच्छा होता। नए साल की बात करें तो हम आशावादी है इसलिए कह सकते हैँ कि २०२६ सुख समृद्धि से परिपूर्ण होगा और अधिकारी व जनप्रतिनिधियों कमियों को दूर करने का प्रयास करेंगे और पीएम मोदी अपने निर्णयों से संबंध सुधारने और देशवासियों को हर सुविधा उपलबध कराने में कामयाब होंगे। हम सभी के सुखमय जीवन की कामना एवं नववर्ष की बधाई देते हुए कह सकते हैं कि अगले साल हम एक दूसरे के सहयोगी के रूप में साथ खड़ें होंगे।
(प्रस्तुतिः- रवि कुमार बिश्नोई संपादक दैनिक केसर खुशबू टाइम्स मेरठ)
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