मुंबई 08 जनवरी। टी-सीरीज म्यूजिक कंपनी के संस्थापक और मशहूर कारोबारी गुलशन कुमार हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रहे शूटर अब्दुल मर्चेंट की गुरुवार सुबह हरसुल जेल में मौत हो गई. हार्ट अटैक आने के बाद उसे घाटी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. अब्दुल मर्चेंट वही शूटर था, जिसने 1997 में मुंबई में गुलशन कुमार की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या की थी.
12 अगस्त 1997 की सुबह मुंबई के अंधेरी इलाके में स्थित जीतेश्वर महादेव मंदिर के बाहर गुलशन कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. रोज की तरह वे मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे थे. जैसे ही वे अपनी कार से उतरे, पहले से घात लगाए बैठे शूटरों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं.
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हमलावरों ने बेहद करीब से गोलियां दागीं, जिससे गुलशन कुमार की मौके पर ही मौत हो गई. हत्या के बाद हमलावर बाइक पर फरार हो गए. यह मर्डर बेहद सुनियोजित और पेशेवर अंदाज में अंजाम दिया गया था.
अब्दुल मर्चेंट अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम का करीबी और शार्प शूटर था. जांच में सामने आया कि गुलशन कुमार की हत्या अबू सलेम के इशारे पर करवाई गई थी. वजह बताई गई थी कि गुलशन कुमार से रंगदारी मांगी गई थी, जिसे उन्होंने देने से इनकार कर दिया था.
हत्या की सुपारी अब्दुल मर्चेंट और उसके साथियों को दी गई थी. मर्चेंट ने इस हत्याकांड में मुख्य शूटर की भूमिका निभाई थी. बाद में पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया और अदालत ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई.
जांच एजेंसियों के मुताबिक, गुलशन कुमार की हत्या सिर्फ एक कारोबारी विवाद नहीं थी, बल्कि इसके पीछे अंडरवर्ल्ड का दबाव और डर का माहौल बनाने की साजिश थी. 90 के दशक में मुंबई में अंडरवर्ल्ड का खासा असर था और फिल्म व म्यूजिक इंडस्ट्री उससे अछूती नहीं थी.
इस केस में अबू सलेम, संगीतकार नदीम, एक्ट्रेस मोनिका बेदी और अन्य आरोपियों के नाम भी सामने आए थे. हालांकि कई आरोपी फरार रहे या बाद में अलग-अलग मामलों में गिरफ्तार किए गए.
उम्रकैद की सजा काट रहा अब्दुल मर्चेंट हरसुल जेल में बंद था. गुरुवार सुबह अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई. सीने में तेज दर्द की शिकायत के बाद उसे घाटी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने हार्ट अटैक से उसकी मौत की पुष्टि की. जेल प्रशासन के मुताबिक, मौत प्राकृतिक कारणों से हुई है. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है.

